
Alwar Crime: अलवर शहर के चोर डूंगरी के पास रामकृपाल नगर इलाके में मंगलवार रात एक ऐसी वारदात हुई जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। यहां मूल रूप से डीग के मालूकी गांव के रहने वाले रोहिताश कुमार (जो अलवर में ई-रिक्शा चलाते थे) अपने किराए के मकान में में सो रहे थे।
तभी उनके नाबालिग बेटे ने लकड़ी काटने वाले गंडासे से उनके गले पर कई वार किए। इस हमले में रोहिताश की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई और पूरी चारपाई खून से सन गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने हत्या में इस्तेमाल गंडासा चारपाई के नीचे ही फेंक दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि रोहिताश के साले की 7 जून को शादी थी, जिसमें शामिल होने पूरा परिवार गया हुआ था। शादी के बाद 8 जून को रोहिताश और उसका बेटा वापस अलवर लौट आए थे, जबकि उनकी पत्नी अपने भाई की शादी के बाकी कार्यक्रमों के कारण पीहर में ही रुकी हुई थी। अगली ही रात यानी 9 जून को जब रोहिताश्व घर पर सोए, तो बेटे ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया।
वारदात के बाद आरोपी बेटे ने खुद ही अपने मामा कालू को फोन किया और कहा कि मामा जल्दी घर जाओ और पापा को बचा लो। जब कालू आनन-फानन में कमरे पर पंहुचा, तो वहां का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। रोहिताश का शव लहूलुहान हालत में चारपाई पर पड़ा था। कालू ने तुरंत इसकी सूचना अरावली विहार थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थानाधिकारी (SHO) रामेश्वर दयाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लिया।
अरावली विहार थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी नाबालिग बेटे को निरुद्ध (हिरासत में) कर लिया है। स्थानीय लोगों और पूछताछ से सामने आया है कि आरोपी बेटा पिछले चार दिनों से लगातार शराब के नशे में धुत था। हालांकि, सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पिता की जान लेने के बाद भी आरोपी ने पुलिस पूछताछ में अब तक हत्या की वजह का खुलासा नहीं किया है। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है कि आखिर एक बेटे ने अपने ही पिता के खून का प्यासा क्यों बन गया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके के लोग दहशत और सदमे में हैं।