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Alwar : जर्जर स्कूल मामले में Gen Alpha का गुस्सा रंग लाया, प्रशासन-विद्यार्थियों के बीच बनी सहमति, 3 दिन में गिरेंगे भवन

Alwar : अलवर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जोधावास में जर्जर भवन की पट्टी गिरने के बाद शुरू हुआ छात्र-छात्राओं का धरना शुक्रवार को प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच सहमति बनने के बाद समाप्त हो गया।
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Aug 14, 2026
Alwar dilapidated school issue Gen Alpha anger administration and students consent
Alwar : थानागाजी। राउमावि जोधावास में सहमति के बाद मांग पत्र प्रशासन को सौंपते छात्र छात्राएं। फोटो पत्रिका

Alwar : अलवर के थानागाजी ब्लॉक के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जोधावास में जर्जर भवन की पट्टी गिरने के बाद शुरू हुआ छात्र-छात्राओं का धरना शुक्रवार को प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच सहमति बनने के बाद समाप्त हो गया। विद्यार्थियों ने मांग पत्र पर कार्यवाहक उपखंड अधिकारी पिंकी गुर्जर और पुलिस उप अधीक्षक इंदु लोधी को सौंपा। इस बीच लोगों को कहना था कि आखिरकार Gen Alpha का गुस्सा रंग लाया। जेन अल्फा वर्ष 2010 से 2025 के बीच जन्मी बच्चों की पीढ़ी को कहा जाता है।

अधिकारियों का लगा जमावड़ा

धरना शुरू होने की सूचना पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी महेश गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी मनोज शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक महेश मेहता, सीबीईओ शकुंतला यादव, एसीबीईओ गौरव अड्डानिया व राम प्रसाद शर्मा सहित प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी विद्यार्थियों से बातचीत की।

Alwar : थानागाजी। राउमावि जोधावास में चल रहे धरने में छात्र-छात्राओं से वार्ता कर समझाइस करते थानाधिकारी। फोटो पत्रिका

'स्कूल नहीं, टीचर नहीं, सड़क नहीं', … छात्रा ने समझाया आजादी का अर्थ

इससे धरने पर बैठी छात्रा तन्नु ने सरकार और प्रशासन को आजादी का अर्थ समझा दिया। छात्रा ने कहा कि हमारे लिए आजादी का मतलब है कि 80 साल बाद भी हमारे लिए अच्छा स्कूल नहीं है, जो है वह टूटा-फूटा है। उसमें टीचर्स नहीं है। स्कूल मैदान नहीं है। सड़कें नहीं है। कीरो की ढाणी से 40 से ज्यादा बच्चे रूपारेल नदी को पार करके आते हैं। बारिश में बहाव ज्यादा होता है तो स्कूल नहीं पहुंच पाते। इससे ज्यादा आजादी का मतलब क्या हो सकता है।

छात्राओं की खरी, पूछा- आपके बच्चे पढ़ते तो क्या यही सुविधा रखते?

धरने के दौरान छात्राएं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाती नजर आई। छात्राओं ने कहा कि स्कूल को मजाक बना रखा है। आपके बच्चे पढ़ते तो क्या यही सुविधा रखते? उच्च माध्यमिक स्कूल बने चार साल हो गए, लेकिन थर्ड ग्रेड के केवल पांच टीचर है।

एक छात्रा ने कहा कि चार साल पहले मैंने खुद कलक्टर को कागज दिया था। लेकिन कुछ नहीं हुआ। स्कूल मैदानों में खेलकर बच्चे स्टेट लेवल खेलने गए हैं और इस स्कूल के मैदान पर बैठकर चेस नहीं खेल सकते। इस दौरान ग्रामीण भी बच्चों के सुर से सुर मिलाते नजर आए।

इसलिए देना पड़ रहा है धरना

दरअसल, विद्यालय में 174 बच्चों को महज तीन कमरों में अध्ययन करवाया जा रहा है। कमरों की कमी के चलते एक ही कमरे में कई कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाया जाता है। 2 भवन जर्जर घोषित हो चुके हैं। बुधवार को इनमें से एक भवन की छत की पट्टी अचानक गिर गई, जिसके बाद छात्राओं, अभिभावकों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। शिक्षकों के पद भी खाली पड़े हैं।

ये छात्र-छात्राएं धरने पर बैठे

धरने पर मोहन, पूजा, उर्मिला, कृष्ण, खुशी, तन्नू, पवन व अखिलेश सहित कई बच्चे शामिल हुए।

ये बनी सहमति

1- स्कूल के जर्जर भवनों को एसएमसी के प्रस्ताव के आधार पर एनओसी जारी करवाकर तीन दिन में ध्वस्त कराया जाएगा।
2- तीन नए कक्षा-कक्षों का प्रस्ताव भी तीन दिन में जिला परिषद को भेजा जाएगा।
3- शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए पांच तृतीय श्रेणी अध्यापकों को कार्यव्यवस्था के तहत लगाया गया है।
4- प्रधानाचार्य, उप प्रधानाचार्य और एक व्याख्याता की भी व्यवस्था की गई है।
5- टोडी निजरान से आने वाले विद्यार्थियों के रास्ते में पड़ने वाली पुलिया और नदी की पुलिया की मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
6- खेल मैदान के लिए राजस्व विभाग को प्रस्ताव भेजकर जमीन आवंटन की प्रक्रिया छह माह में पूरी करने और इसके बाद अगले छह माह में बजट स्वीकृत कराने पर सहमति बनी है।
7- जोधावास से कीरो की ढाणी होते हुए उदयनाथ आश्रम जाने वाले मार्ग का मामला पीडब्ल्यूडी को भेजा गया है। पुलिया निर्माण के लिए करीब 2.11 करोड़ रुपए की जरूरत बताई गई है।

सरकारी स्कूलों का क्या हाल बना दिया है राजस्थान सरकार ने: डोटासरा

इस मामले में कांग्रेस नेता गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि क्या हाल बना दिया है राजस्थान की भाजपा सरकार ने सरकारी स्कूलों का! प्रदेश की एक बच्ची भाजपा सरकार से पूछ रही है कि "अगर आपके बच्चे होते, तो क्या आप उन्हें ऐसी ही सुविधाओं में पढ़ाते?"

थानागाजी (अलवर) के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में टूटी पट्टियां, जर्जर भवन और हर पल हादसे का खतरे के बीच आखिर बच्चे कैसे पढ़ेंगे। शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का ये आईना सिर्फ एक स्कूल का नहीं, प्रदेश की हजारों स्कूलों में जर्जर भवनों की यही स्थिति है। दु:ख की बात है कि बच्चे बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं, अपने हक के लिए लड़ रहे हैं, धरने दे रहे हैं, और भाजपा सरकार बेपरवाह बनी हुई है। क्या सरकार फिर झालावाड़ जैसी घटना के बाद जागेगी? @RajCMO।

Updated on:
14 Aug 2026 07:40 pm
Published on:
14 Aug 2026 07:38 pm