अलवर

Alwar Hospital CT Scan: निदेशालय की सुस्ती मरीजों पर भारी, सीटी स्कैन सेवा का भविष्य अधर में

Alwar Hospital CT Scan: अलवर जिला अस्पताल में सीटी स्कैन सेवा को लेकर स्वास्थ्य निदेशालय की लापरवाही मरीजों पर भारी पड़ रही है। सीटी स्कैन का 10 साल का कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद भी निदेशालय ने नया फैसला नहीं लिया है। अस्पताल प्रशासन की ओर से छह बार याद दिलाने के बावजूद कोई लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है।
2 min read
Jul 20, 2026
alwar district hospital
अलवर जिला अस्पताल (फोटो - पत्रिका)

Alwar Hospital CT Scan: अलवर जिला अस्पताल में सीटी स्कैन सेवा को लेकर स्वास्थ्य निदेशालय की सुस्ती मरीजों पर भारी पड़ रही है। अस्पताल प्रशासन सेवा निरंतर बनाए रखने के लिए कई बार स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र और स्मरण पत्र भेज चुका है, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं हो सका है।

10 वर्ष की अवधि पूरी होने के बावजूद यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पुराने एमओयू का विस्तार होगा या नई निविदा जारी की जाएगी। निर्णय में हो रही देरी से सीटी स्कैन सेवा का भविष्य अधर में है, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में हर दिन लोग आते हैं।

6 लेटर लिखे जा चुके हैं

जिला अस्पताल में सीटी स्कैन सेवा के लिए स्वास्थ्य निदेशालय ने निविदा आमंत्रित कर 10 वर्ष के लिए कार्यादेश जारी किया था। यह कार्यादेश 10 जून, 2026 को पूरा हो चुका है। इसके बाद एमओयू में अभिवृद्धि (विस्तार) की जाए या नई निविदा जारी की जाए, इसका निर्णय स्वास्थ्य निदेशालय स्तर पर लिया जाना है।


अस्पताल प्रशासन के अनुसार इस संबंध में जिला अस्पताल कार्यालय की ओर से निदेशक, जन स्वास्थ्य को अब तक छह स्मरण पत्र भेजे जा चुके हैं। इसके बावजूद निदेशालय की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया है। नियमानुसार एमओयू को आगे बढ़ाने अथवा नई निविदा जारी करने का अधिकार और निर्णय निदेशक स्तर पर ही किया जाना है, इसलिए जिला अस्पताल अपने स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकता।

वन राज्य मंत्री कह चुके हैं व्यवस्था को चालू रखा जाए

अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में सीटी स्कैन के मरीज आते हैं। ऐसे में वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने अस्पताल प्रशासन को व्यवस्था चालू रखने के लिए मौखिक रूप से निर्देश दे रखे हैं। उनके अलावा पिछले महीने अलवर दौरे पर आए चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर और निदेशक ने भी फिलहाल सीटी स्कैन को चालू रखने के लिए मौखिक रूप से कह रखा है।

इसके चलते इमरजेंसी मामलों और मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के लाभार्थियों की सीटी स्कैन जांच करवाई जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के लाभार्थियों की जांच पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति (रीइम्बर्समेंट) राशि आरएमआरएस को प्राप्त होती है। अब पूरा मामला स्वास्थ्य निदेशालय के लिखित आदेश पर टिका है।

Updated on:
20 Jul 2026 12:04 pm
Published on:
20 Jul 2026 12:04 pm