
अलवर के ESIC मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (ESIC Medical College and Hospital) में सोमवार को छात्रों ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। नाराज छात्रों ने कॉलेज के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और नारेबाजी शुरू कर दी। इससे अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों (Patients) और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
छात्रों का आरोप है कि उनसे हर साल करीब 5 हजार रुपए स्टूडेंट वेलफेयर फंड (Student Welfare Fund) के नाम पर लिए जाते हैं। छात्रों के अनुसार इस फंड में अब तक एक करोड़ रुपए से अधिक की राशि जमा हो चुकी है, लेकिन करीब ढाई साल बीतने के बावजूद इसके उपयोग के लिए एसओपी (SOP) तैयार नहीं की गई है। छात्रों का कहना है कि कॉलेज में होने वाले कार्यक्रमों के लिए उन्हें अलग से चंदा जुटाना पड़ता है।
छात्रों ने मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई करने के बावजूद सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि उन्हें दवाइयां, जरूरी जांच और मुफ्त इलाज (Free Treatment) जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन से इन व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की।
तालाबंदी की सूचना मिलने पर उद्योग नगर थाना (Udyog Nagar Police Station) के थाना प्रभारी रामेश्वर लाल पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने अस्पताल में आने वाले मरीजों की परेशानी को देखते हुए छात्रों से मुख्य गेट खोलने का आग्रह किया। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई।
इसके बाद छात्र मुख्य गेट से हटकर डीन चैंबर (Dean Chamber) के बाहर धरने पर बैठ गए। छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के सामने बात रखी। प्रदर्शन के कारण कॉलेज परिसर में कुछ समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
स्थिति को देखते हुए डीन ओमप्रकाश लखवानी (Om Prakash Lakhwani) ने छात्र प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाया। डीन ने छात्रों की मांगें सुनीं और सभी मुद्दों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया और मुख्य गेट खोल दिया गया।
छात्रों का कहना है कि वे कॉलेज प्रशासन से स्टूडेंट वेलफेयर फंड (Student Welfare Fund) के उपयोग में पारदर्शिता, आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं और अन्य समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं। वहीं प्रशासन की ओर से मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद फिलहाल मामला शांत हो गया है।