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अलवर में फर्जी नंबर प्लेट का खेल: कटा 1000 का ट्रैफिक चालान, फोटो देख बाइक मालिक के उड़े होश

अलवर में हेलमेट नहीं पहनने पर एक हजार रुपए का चालान कटने का मैसेज आया तो बाइक मालिक हैरान रह गया। चालान की तस्वीर देखी तो मोटरसाइकिल और चालक दोनों किसी दूसरे के थे। बाइक मालिक ने नंबर प्लेट पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। एनईबी थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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Oct 18, 2026
alwar fake number plate
एनईबी थाना पुलिस ने जांच शुरू की

वाहन चालकों के लिए चालान का मैसेज आना आम बात है, लेकिन जब वाहन अपना हो ही नहीं तो परेशानी बढ़ जाती है। ऐसा ही एक मामला अलवर में सामने आया है। यहां हेलमेट नहीं पहनने पर एक हजार रुपए का चालान कटने का मैसेज मिलने के बाद बाइक मालिक ने ऑनलाइन जानकारी निकाली। चालान की तस्वीर देखकर वह हैरान रह गया, क्योंकि मोटरसाइकिल पर नंबर तो उसके वाहन का था, लेकिन बाइक और उसे चलाने वाला व्यक्ति कोई दूसरा था।

मामला शिव कॉलोनी निवासी एडवोकेट मोहन सिंह से जुड़ा है। परिवाद के अनुसार, 15 अक्टूबर को उनके मोबाइल पर एक हजार रुपए के चालान का संदेश आया। इसके बाद उन्होंने चालान की वेबसाइट से संबंधित जानकारी डाउनलोड की और यातायात थाने में संपर्क किया। वहां उन्हें चालान से जुड़ी घटना, स्थान, तारीख, मोटरसाइकिल और उसके चालक की तस्वीर दिखाई गई।

अपनी बाइक नहीं होने की बात कही

तस्वीर देखने के बाद मोहन सिंह ने बताया कि उसमें दिखाई दे रही मोटरसाइकिल उनकी नहीं है। साथ ही, तस्वीर में नजर आ रहा व्यक्ति भी वह नहीं है। उनका आरोप है कि किसी दूसरे वाहन पर उनकी बाइक का पंजीकरण नंबर इस्तेमाल किया गया है। इससे नंबर प्लेट के फर्जी होने और कूटरचित नंबर का उपयोग किए जाने की आशंका जताई गई है।

मोहन सिंह ने संबंधित चालक और मोटरसाइकिल का उपयोग करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जब वाहन उनका नहीं है तो उनके नाम पर चालान जारी होने के मामले की जांच होनी चाहिए।

हेल्पलाइन पर सूचना देकर थाने में दिया परिवाद

मोहन सिंह के अनुसार, चालान की जानकारी मिलते ही उन्होंने राजस्थान संपर्क पोर्टल की हेल्पलाइन 181 और पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके बाद 16 अक्टूबर को एनईबी थाने में लिखित परिवाद पेश कर मामले की जांच कराने का आग्रह किया।

पुलिस ने परिवाद दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि चालान के दौरान तस्वीर में दिखाई देने वाली मोटरसाइकिल पर कौन-सा पंजीकरण नंबर लगा था और संबंधित नंबर का इस्तेमाल किसने किया।

नंबर प्लेट की जांच से सामने आएगी सच्चाई

इस मामले में जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि नंबर प्लेट के कथित फर्जीवाड़े के पीछे कौन जिम्मेदार है। फिलहाल बाइक मालिक ने अपनी शिकायत में वाहन के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया है। पुलिस की जांच से यह भी स्पष्ट होगा कि चालान किस आधार पर जारी हुआ और वाहन मालिक को राहत देने के लिए आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

Updated on:
18 Oct 2026 11:35 am
Published on:
18 Oct 2026 11:35 am