
अलवर नगर निगम की पहली महापौर के रूप में भाजपा की सुमनलता अग्रवाल ने शुक्रवार को विधिवत पदभार ग्रहण किया। महापौर के चेंबर में पहुंचने के बाद उन्होंने कुर्सी पर बैठने से पहले पूजा-अर्चना की। पंडित ने मंत्रोच्चारण के साथ पूजा कराई। इसके बाद सुमनलता अग्रवाल ने महापौर की कुर्सी संभाली। मौके पर मौजूद लोगों ने मिठाई खिलाकर उन्हें बधाई दी और खुशी मनाई।
मेयर सुमनलता अग्रवाल शुक्रवार सुबह नगर निगम कार्यालय पहुंचीं। मुख्य चैंबर में कुर्सी संभालने से पहले वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा-अर्चना की गई। पदभार ग्रहण के दौरान महापौर के चेंबर में महिलाओं की खासी भीड़ रही। समर्थकों और परिचितों ने भी उन्हें बधाई दी। नगर निगम में पहली बार महापौर का पद संभालने के साथ ही सुमनलता अग्रवाल के सामने अब शहर से जुड़े कई मुद्दों पर काम करने की जिम्मेदारी होगी।
इससे पहले 21 सितंबर को हुए अलवर नगर निगम के पहले महापौर चुनाव में सुमनलता अग्रवाल ने कांग्रेस की कमलेश शर्मा को हराया था। चुनाव में सुमनलता अग्रवाल को 42 वोट मिले, जबकि कमलेश शर्मा को 23 वोट मिले। 65 सदस्यीय नगर निगम में महापौर बनने के लिए 33 वोट जरूरी थे। चुनाव से पहले भाजपा के 28, कांग्रेस के 23, निर्दलीय 13 और बसपा का एक पार्षद था। चुनाव परिणाम के बाद सुमनलता अग्रवाल के महापौर बनने के साथ अलवर नगर निगम में भाजपा का बोर्ड बना।
सुमनलता अग्रवाल वार्ड 7 से पार्षद चुनी गई थीं। महापौर चुनाव के दौरान भाजपा के पास अपने दम पर बहुमत नहीं था, ऐसे में निर्दलीय पार्षदों और बसपा पार्षद का समर्थन महत्वपूर्ण रहा। परिणाम में भाजपा प्रत्याशी को 42 वोट मिले, जो भाजपा के 28 पार्षदों की संख्या से अधिक थे।
अब पदभार ग्रहण करने के बाद नगर निगम के कामकाज और शहर में विकास कार्यों को लेकर महापौर की भूमिका अहम रहेगी। सफाई, सड़क, जल निकासी, रोशनी और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर शहरवासियों की नजर नए बोर्ड के कामकाज पर रहेगी।