
अलवर शहर के समीप भाखेड़ा गांव में सरकारी स्कूल का भवन जर्जर घोषित होने के बाद राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत स्कूल धोला कुआं और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भाखेड़ा को ग्राम पंचायत भवन में शिफ्ट तो कर दिया गया है, लेकिन इन दोनों स्कूलों के 400 बच्चों के लिए सिर्फ दो कमरे और एक हॉल है। एक शौचालय है, लेकिन वह केवल स्टाफ के लिए है।
छात्र-छात्राओं को स्कूल से बाहर खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। दोनों स्कूलों में करीब तीन किलोमीटर दूर से भी बच्चे पढ़ने आते हैं। पंचायत भवन में चार कमरे और एक हॉल है। इसमें एक कमरा ग्राम पंचायत के लिए और एक कमरा ई-मित्र व प्रधानाचार्य के लिए है। एक ही हॉल में चार कक्षाएं लगाई जा रही हैं। शेष कक्षाएं दो कमरों में चल रही हैं। पंचायत भवन में पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। यह स्थिति पिछले करीब एक साल से है।
पंचायत भवन में कमरे कम होने के कारण दोनों स्कूलों का संचालन दो पारियों में करना पड़ रहा है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की कक्षाएं सुबह 7.30 बजे से दोपहर 12 बजे तक लगती हैं। इसके बाद राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत स्कूल की कक्षाएं दोपहर 12.30 बजे से शाम 6 बजे तक चलती हैं। संस्कृत स्कूल में करीब 80 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। कमरों की कमी के कारण बच्चों को निर्धारित समय के अनुसार कक्षाएं लगाने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है।
विद्यार्थी अपने घर से पानी की बोतल लेकर आते हैं। कुछ बच्चों को फोरलेन सड़क पार कर एक निजी संस्थान से पानी लाना पड़ता है। एक छात्रा ने बताया कि शिक्षिका भी अपने घर से पानी लेकर आती हैं। कई बच्चे पास में लगी टंकी से पानी लाते हैं।
पंचायत भवन के पास ही एनीकट है। पास से सिलीसेढ़ से आने वाली नहर भी गुजर रही है। हमेशा अनहोनी का डर रहता है। यह क्षेत्र सरिस्का के जंगल से सटा हुआ है। जीव-जंतुओं की आवाजाही की आशंका भी रहती है। पंचायत भवन में बंदरों का भी आतंक है।
संस्कृत स्कूल को पंचायत भवन में चलाया जा रहा है। यहां दो पारियों में स्कूल संचालन हो रहा है। पीने के पानी और शौचालय की परेशानी है। छात्राओं और महिला स्टाफ को शौचालय के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इस भवन में स्कूल एक साल से चल रहा है - विनय शर्मा, प्रधानाचार्य, संस्कृत स्कूल
पंचायत भवन में केवल वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। नए भवन के लिए प्रस्ताव भेज दिए गए हैं। वहां पानी और शौचालय की व्यवस्था है - सीमा शर्मा, सीबीईओ, उमरैण