
राजीव गांधी सामान्य अस्पताल में सरकारी एम्बुलेंस के कथित इस्तेमाल का मामला अब आगे बढ़ता नजर आ रहा है। नर्सिंग अधीक्षक सुशीला वर्मा पर आरोप था कि वह सरकारी एम्बुलेंस से घर आती-जाती हैं। इस मामले में सीएमओ के आदेश पर पीएमओ ने जांच कमेटी बनाई थी। प्रारंभिक जांच में लॉगबुक की एंट्री सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।
फिजिशियन डॉ. सुरेश मीणा की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने एम्बुलेंस की लॉगबुक की जांच की। इसमें ऐसी एंट्री मिली हैं, जिनसे नर्सिंग अधीक्षक की ओर से एम्बुलेंस का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। टीम ने वायरल वीडियो और फोटो की भी जांच की है। इन सभी तथ्यों को जांच रिपोर्ट में शामिल किया जा रहा है।
जांच कमेटी की रिपोर्ट लगभग तैयार हो चुकी है। हालांकि, अभी शिकायतकर्ता के बयान लेना बाकी है। इसके लिए कमेटी की ओर से शिकायतकर्ता को पत्र लिखकर दस्तावेज मांगे गए हैं। शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले दस्तावेजों को भी रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। इसके बाद जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि अगले दो से तीन दिन में रिपोर्ट पूरी हो सकती है।
राजस्थान पत्रिका की ओर से इस मामले का खुलासा किए जाने के बाद अब निदेशक नॉन गजेटेड राकेश शर्मा ने भी पीएमओ से रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने 15 दिन में रिपोर्ट देने को कहा है। ऐसे में अब जांच के निष्कर्ष और अधिकारियों की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।
वहीं, नर्सिंग अधीक्षक सुशीला वर्मा का कहना है कि उन्होंने नियमित रूप से घर आने-जाने के लिए एम्बुलेंस का इस्तेमाल नहीं किया। उनके अनुसार, कभी-कभार ड्यूटी के दौरान ओवरटाइम होने की स्थिति में ही एम्बुलेंस का उपयोग किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग अपने हित साधने के लिए शिकायत करते हैं। फिलहाल, जांच कमेटी शिकायतकर्ता के बयान और दस्तावेजों के आधार पर रिपोर्ट को अंतिम रूप देगी। इसके बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
जांच टीम को लॉगबुक में नर्सिंग अधीक्षक को घर छोड़ने की एंट्री मिली हैं। जांच चल रही है। शिकायतकर्ता को भी पत्र लिखा गया है कि ताकि वह अपना पक्ष रख सके - डॉ. प्रेम सैनी, पीएमओ, सामान्य अस्पताल