अलवर

खुशखबरी! कटीघाटी में बनेगा हाईटेक चिड़ियाघर और लायन सफारी, सरकार से मांगे 180 करोड़ रुपए

राजस्थान के अलवर वासियों और पर्यटकों के लिए एक बड़ी और अच्छी खबर है। कटीघाटी में शानदार चिड़ियाघर और लायन सफारी बनाने की तैयारी तेज हो गई है। वन विभाग ने इसके लिए सरकार से ₹180 करोड़ के बजट की मांग की है, जिसका प्रस्ताव वित्त विभाग के पास पहुंच चुका है।
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May 19, 2026
alwar katighati zoo and lion safari
चिड़ियाघर का डिजाइन (फाइल फोटो - पत्रिका)

अलवर के कटीघाटी इलाके में जल्द ही जंगली जानवरों की दहाड़ गूंजेगी और सैलानियों का मेला लगेगा। कटीघाटी में बनने वाले भव्य चिड़ियाघर (Zoo) और लायन सफारी प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए वन विभाग ने कमर कस ली है। विभाग की ओर से सरकार को ₹180 करोड़ का एकमुश्त बजट मंजूर करने का प्रस्ताव भेजा गया है। राहत की बात यह है कि यह प्रस्ताव वित्त विभाग तक पहुंच चुका है और सब कुछ ठीक रहा तो अगले महीने यानी जून में इसके निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिए जाएंगे।

वन विभाग ने इस प्रोजेक्ट के लिए किस्तों में बजट न मांगकर, एक साथ पूरी रकम की मांग की है। अधिकारियों का मानना है कि एक साथ फंड मिलने से काम बिना किसी रुकावट के तेजी से पूरा हो सकेगा। आपको बता दें कि इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए कटीघाटी में करीब 110 हेक्टेयर जमीन मंजूर की जा चुकी है। इस जमीन पर काम शुरू करने के लिए केंद्र सरकार और राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) से जरूरी एनओसी (NOC) भी मिल चुकी है।

ऐसा होगा चिड़ियाघर का ढांचा और सुविधाएं

प्रोजेक्ट की रूपरेखा के अनुसार, इस पूरे कटीघाटी क्षेत्र को 8 अलग-अलग जोन में बांटा जाएगा, जिसमें पहाड़ी और समतल दोनों तरह का इलाका शामिल है। लगभग 50 हेक्टेयर के पहाड़ी हिस्से में चिड़ियाघर का निर्माण होगा, जबकि 54 हेक्टेयर के बड़े इलाके में जंगल सफारी विकसित की जाएगी। यहां आने वाले पर्यटकों की सहूलियत के लिए 10 तरह की आधुनिक जनसुविधाएं मिलेंगी। वहीं, इस पूरे परिसर और जानवरों की सुरक्षा व निगरानी के लिए 160 अधिकारी और कर्मचारियों का स्टाफ तैनात रहेगा। इस जू में 200 से अधिक प्रजातियों के वन्यजीवों को लाने की योजना है।

सालाना होगी 10 करोड़ से ज्यादा की कमाई

वन विभाग के मुताबिक, इस चिड़ियाघर और सफारी के शुरू होने के बाद यहां हर साल करीब 8 से 25 लाख पर्यटकों के आने की उम्मीद है। विभाग ने एंट्री फीस और सफारी का किराया भी तय कर दिया है, जिससे सरकार को हर साल करीब 10.09 करोड़ रुपये का तगड़ा राजस्व (कमाई) मिलेगा।

आम भारतीय पर्यटक: चिड़ियाघर का टिकट ₹50 और लायन सफारी का ₹300 होगा।
स्टूडेंट्स (विद्यार्थी): चिड़ियाघर घूमने के लिए ₹20 और लायन सफारी के लिए ₹50 देने होंगे।
विदेशी सैलानी: चिड़ियाघर के लिए ₹300 और लायन सफारी का टिकट ₹600 तय किया गया है।

अनुमान के मुताबिक, अकेले चिड़ियाघर से ₹2.32 करोड़, लायन सफारी से ₹4.44 करोड़ और शाकाहारी वन्यजीव सफारी से सालाना ₹3.33 करोड़ की आमदनी होगी। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से अलवर में पर्यटन को एक नई नई ऊंचाई मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के बड़े अवसर मिलेंगे।

चिडि़याघर व लायन सफारी के लिए 180 करोड़ रुपए मंजूर करने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा है। जून में टेंडर लगाया जाएगा -राजेंद्र कुमार हुड्डा, डीएफओ अलवर वन मंडल

Updated on:
19 May 2026 12:11 pm
Published on:
19 May 2026 12:11 pm