रथ यात्रा के स्वागत में उमड़ा अलवर शहर, रूपबास में शुरू हुआ मेला
इंद्रविमान में बैठकर निकले दूल्हे राजा :
भगवान जगन्नाथ को इंद्र विमान रथ में विराजमान किया गया । इस रथ को रंग बिरंगी रोशनी व बिजली की झालरों से सजाया गया था। यहां मनोकामना पूरी हो इसके लिए श्रद्धालु रथ के नीचे से निकलते हुए दिखाई दिए। पुलिस की ओर से भगवान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। जैसे- जैसे रथ आगे बढ़ता जा रहा था, श्रद्धालु भी आगे बढ़ते जा रहे थे। रथयात्रा में अनेक प्रकार की झांकियां, बैडबाजे, प्याऊ , भजन मंडलियां आदि शामिल थे।
पूरा शहर ही उमड़ पड़ा :
भगवान जगन्नाथ रथयात्रा को देखने के लिए पूरा शहर ही उमड़ पड़ा। बाजार में सड़कों पर इतनी भीड़ कि निकलना भी मुश्किल हो रहा था।
कंपनी बाग से नंगली चौराहा और एसएमडी चौराहा से मोती डूंगरी तक विशेष भीड़ रही। श्रद्धालु घंटों पहले ही यहां आकर रथयात्रा का इंतजार करते रहे। यहां मेले का सा माहौल रहा। दर्शनों के लिए आने वाले बच्चों ने खूब खरीददारी की। नंगली सर्किल पर सुबह से ही कई झूले और दुकान लगी हुई थी।
भगवान बूढ़े जगन्नाथ के दर्शन शुरु :
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा रूपबास रवाना होने के साथ ही पुराना कटला स्थित जगन्नाथ मंदिर में भगवान बूढ़े जगन्नाथ के दर्शन भी शुुरु हो गए। 25 जुलाई को रथयात्रा के वापस लौटने तक भक्त भगवान बूढ़े जगन्नाथ के दर्शन कर सकेंगे। बूढ़े जगन्नाथ जी इन्हीं दिनों में दर्शन देते हैं।
मंदिरों में हुई आरती :
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान पुराना कटला, त्रिपोलिया, बजाजा बाजार, होपसर्कस, मन्नी का बड, कंपनी बाग, मोती डूंगरी, फूलबाग व भवानी तोप पर स्थित दर्जनों मंदिरों की ओर से भगवान की आरती उतारी गई।
जौनार के लिए एडवांस बुकिंग :
भगवान जगन्नाथ की बारात में जौनार देने के लिए भक्तों ने पहले से ही एडवांस बुकंग करवा ली है। रथयात्रा के वापस लौटने तक प्रतिदिन भक्तों की ओर से बारातियों को भोजन करवाया जाएगा।
रूपबास में शुरु हुआ मेला, मेले में होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम :
अलवर. भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के रूपबास पहुंचने के साथ ही यहां पर मेला भी प्रारंभ हो गया। मेले में झूलों के साथ ही मनोरंजन के अन्य साधन भी लाए गए हैं। खानपान, सौंदर्य सामग्री, डेकोरेटिव सामान आदि की अलग - अलग दुकानें सजाई गई है।
मेले के आगामी कार्यक्रमों में 23 जुलाई को प्रात: 8 बजे पुराना कटला स्थित सुभाष चौक मंदिर से जानकी मैया की सवारी रूपबास के लिए रवाना होगी। रात्रि को 10 बजे वरमाला महोत्सव आयोजित किया जाएगा। 24 जुलाई को रूपबास में मेला भरेगा । 25 जुलाई को जगन्नाथ व जानकी मैया की सवारी शाम 5 बजे रूपबास से रवाना होकर वापस सुभाष चौक आएगी। वहीं 27 जुलाई को पूर्णिमा को मेले का विधिवत समापन किया जाएगा।
पर्यटन विभाग कराएगा सांस्कृतिक कार्यक्रम :
रूपबास स्थित मेला स्थल पर पर्यटन विभाग की ओर से 22 से 24 जुलाई तक प्रतिदिन शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें देशभर से आए कलाकार लोकगीतों पर आधारित कार्यक्रमों की प्रस्तुति देंगे।