
अलवर नगर निगम (Alwar Municipal Corporation) में पट्टों की करीब 650 फाइलें लंबित होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। लोग अपने मकान या जमीन का पट्टा बनवाने के लिए निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी फाइलों पर आगे कार्रवाई नहीं हो पा रही है। लोगों का कहना है कि संबंधित अधिकारियों के पास जाने पर उन्हें बताया जाता है कि उनके स्तर का काम पूरा हो चुका है और अब फाइल आयुक्त के स्तर पर आगे बढ़ेगी।
अलवर नगर निगम में आयुक्त (Municipal Commissioner) का चार्ज एसडीएम माधव भारद्वाज के पास है। ऐसे में पट्टों से जुड़ी फाइलों पर फैसले और आगे की प्रक्रिया को लेकर लोग परेशान हैं। लोगों के अनुसार, आयुक्त की कुर्सी पर नियमित रूप से अधिकारी नहीं मिलते। जब वे अपने काम के सिलसिले में निगम के दूसरे अधिकारियों से संपर्क करते हैं, तो उन्हें आयुक्त के स्तर पर कार्रवाई होने का इंतजार करने को कहा जाता है।
सरकार की ओर से कुछ समय पहले पट्टे जारी करने के लिए दो महीने तक शिविर (Lease Camps) लगाए गए थे। लोगों को उम्मीद थी कि इन शिविरों के जरिए उनके काम आसानी से हो जाएंगे, लेकिन कई फाइलें अब भी लंबित हैं। शिविरों के दौरान कुछ ही पट्टों का काम पूरा हो पाया। इसके बाद बाकी आवेदकों को फिर से निगम के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
आर्य नगर निवासी सुरेश शर्मा और वार्ड चार निवासी ओमकार सिंह व हेमंत ने बताया कि वे पट्टे बनवाने के लिए कई बार नगर निगम जा चुके हैं। उनका कहना है कि अधिकारी उन्हें आयुक्त के स्तर पर कार्रवाई होने की बात कहकर वापस भेज देते हैं।
कुछ लोग मिनी सचिवालय स्थित एसडीएम कार्यालय भी पहुंचे, लेकिन उनकी मुलाकात एसडीएम से नहीं हो पाई। वहां कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि एसडीएम चुनाव संबंधी काम में व्यस्त हैं। लोगों ने मेयर से भी मुलाकात कर समस्या बताई। उनके अनुसार, मेयर ने अधिकारियों को काम करने के निर्देश दिए, लेकिन इसके बावजूद फाइलें आगे नहीं बढ़ीं। पट्टों की फाइलें लंबित रहने और लोगों की परेशानी के संबंध में आयुक्त माधव भारद्वाज से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। ऐसे में लंबित फाइलों के निस्तारण और लोगों को राहत मिलने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।