अलवर

अलवर नगर निगम की कार्रवाई: दुकानों के आगे से सामान हटाया, व्यापारियों ने दिया धरना

अलवर में नगर निगम की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर दुकानदारों और निगम के बीच विवाद हो गया। बुधवार को हॉप सर्कस और घंटाघर के पास दुकानों के आगे रखा सामान हटवाया गया और 2100 रुपए के चालान काटे गए। नाराज व्यापारी निगम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
2 min read
• •
Updated: 4 Nov 2026, 2:26 PM IST
alwar nagar nigam action
अलवर नगर निगम की कार्रवाई पर भड़के व्यापारी (फोटो - पत्रिका)

अलवर में नगर निगम (Alwar Municipal Corporation) की ओर से अतिक्रमण (Encroachment) के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को लेकर बुधवार को व्यापारियों ने विरोध जताया। नगर निगम की टीम ने हॉप सर्कस (Hope Circus) और घंटाघर (Ghantaghar) के आसपास दुकानों के आगे रखा सामान हटवाया। साथ ही दुकानदारों के 2100 रुपए के चालान भी काटे गए। कार्रवाई से नाराज व्यापारी नगर निगम कार्यालय पहुंचे और गेट के सामने धरने पर बैठ गए।

व्यापारियों का कहना था कि कुछ समय पहले नगर निगम ने सड़क किनारे थड़ी-पटरी लगाकर सामान बेचने वाले छोटे व्यापारियों को हटाया था। उस समय दुकानदारों ने निगम की कार्रवाई में सहयोग किया और विरोध नहीं किया। अब दुकानों के आगे रखे सामान को हटाने और चालान काटने की कार्रवाई की जा रही है। व्यापारियों ने इस तरीके पर आपत्ति जताई।

करीब 30 मिनट तक चला धरना

कार्रवाई से नाराज व्यापारी करीब 30 मिनट तक नगर निगम कार्यालय के गेट के सामने बैठे रहे। इस दौरान उन्होंने निगम की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। व्यापारियों ने कहा कि चालान काटने और सामान उठाने का तरीका ठीक नहीं है। उनका आरोप था कि रसीदें काटकर और सामान हटवाकर दुकानदारों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

व्यापारियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर इसी तरह कार्रवाई करनी है तो उनकी दुकानें भी बंद करवा दी जाएं। उनका कहना था कि पहले सड़क पर दुकान लगाने वालों को हटाया गया और अब दुकानों के आगे रखे सामान पर भी कार्रवाई की जा रही है।

बातचीत के बाद बनी सहमति

धरने की सूचना के बाद नगर निगम अधिकारियों और व्यापारियों के बीच बातचीत हुई। जिला व्यापार महासंघ ने बताया कि बातचीत के बाद कुछ शर्तों पर सहमति बनी है। इसके तहत अब हॉप सर्कस के सामने दुकानदार बरामदे में अपना सामान रख सकेंगे। हालांकि, उन्हें आने-जाने वाले लोगों के लिए करीब दो फीट जगह खाली छोड़नी होगी।

सड़क पर सामान रखने की अनुमति नहीं

रमेश जुनेजा के अनुसार, दुकानदारों को बरामदे में सामान रखने की छूट दी गई है, लेकिन सड़क पर किसी भी तरह का सामान नहीं रखा जा सकेगा। सभी दुकानदारों को तय शर्तों का पालन करना होगा। बरामदे में सामान रखते समय रास्ते के लिए दो फीट जगह छोड़ना जरूरी होगा। इन शर्तों का पालन करने पर नगर निगम चालान नहीं काटेगा।

अधिकारियों और व्यापारियों के बीच बातचीत के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। इस तरह फिलहाल बरामदे में सामान रखने को लेकर सहमति बन गई है। अब व्यापारियों को तय सीमा में ही सामान रखना होगा।

Updated on:
4 Nov 2026, 2:26 PM IST
Published on: