अलवर

Alwar: चुनाव में कितना खर्चा किया…? महापौर और 63 प्रत्याशियों ने अब तक नहीं दी जानकारी

अलवर नगर निगम चुनाव में खर्च का ब्योरा जमा कराने का आज अंतिम दिन है। मैदान में उतरे कुल 344 में से 281 उम्मीदवार हिसाब दे चुके हैं, लेकिन नवनिर्वाचित महापौर सुमनलता अग्रवाल समेत 63 प्रत्याशियों ने अभी तक प्रपत्र जमा नहीं कराया है। इनमें जमानत जब्त होने वाले कई प्रत्याशी भी शामिल हैं।
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Sep 29, 2026
alwar municipal election
अलवर नगर निगम (फोटो - पत्रिका)

अलवर नगर निगम चुनाव में मैदान में उतरे प्रत्याशियों के लिए चुनावी खर्च का हिसाब देने का अंतिम दिन मंगलवार है, लेकिन अभी तक 63 प्रत्याशियों ने खर्च का विवरण जमा नहीं कराया है। इनमें नवनिर्वाचित महापौर सुमनलता अग्रवाल भी शामिल हैं। कुल 344 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे, जिनमें से अब तक 281 प्रत्याशी अपना खर्च विवरण जमा करा चुके हैं।

चुनाव खर्च प्रपत्र जमा नहीं कराने वाले प्रत्याशियों में बड़ी संख्या उन उम्मीदवारों की है, जिनकी चुनाव में जमानत जब्त हो गई थी। हालांकि, जमानत जब्त होने वाले सभी प्रत्याशियों ने खर्च का हिसाब नहीं रोका है। इनमें से कई प्रत्याशियों ने निर्धारित प्रपत्र में अपना खर्च विवरण जमा कराया है। चुनाव में कुल 184 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई थी।

चाय-नाश्ते से लेकर सभा और लाउडस्पीकर तक का हिसाब

निर्धारित प्रपत्र में प्रत्याशियों से चुनाव प्रचार के दौरान किए गए विभिन्न खर्चों का विवरण मांगा गया है। इसमें चाय-नाश्ता, भोजन, सभा, लाउडस्पीकर सहित प्रचार से जुड़े अन्य खर्च शामिल हैं। प्रत्याशियों को तय प्रारूप में इन खर्चों का विवरण देना है।

साढ़े तीन लाख रुपए था अधिकतम खर्च

अलवर नगर निगम चुनाव में प्रत्याशी के लिए चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा साढ़े तीन लाख रुपए निर्धारित थी। अब तक जिन प्रत्याशियों ने खर्च का विवरण जमा कराया है, उनमें ज्यादातर ने अपने खर्च को निर्धारित सीमा से कम बताया है।

ज्यादातर का खर्च एक लाख रुपए से कम

खर्च का विवरण देने वाले प्रत्याशियों के आंकड़ों में बड़ी संख्या ऐसे उम्मीदवारों की है, जिन्होंने एक लाख रुपए के अंदर खर्च बताया है। कई प्रत्याशी ऐसे भी हैं, जिनका खर्च दस हजार रुपए से भी कम है।

भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशियों ने ज्यादा किया खर्च

कई प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार पर दो से ढाई लाख रुपए के बीच खर्च होना दर्शाया है। इस श्रेणी में भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों की संख्या ज्यादा बताई जा रही है। कई प्रत्याशी ऐसे हैं, जिनका चुनावी खर्च एक से ढाई लाख रुपए के बीच रहा।

हिसाब देना जरूरी है

चुनाव परिणाम घोषित होने के 15 दिनों के भीतर सभी प्रत्याशियों को अपने चुनावी खर्च का पूरा लेखा-जोखा रिटर्निंग अधिकारी के पास जमा करना अनिवार्य होता है। प्रचार सामग्री, वाहन, और सभाओं से जुड़ा सारा खर्च इसी सीमा के अंदर होना चाहिए।

सरकार ने खर्च कर दिए करीब 29.64 करोड़ रुपए

सरकार की ओर से निकाय चुनाव के लिए अलग-अलग बजट राशि जारी की जाती है। नगर निगम चुनाव के लिए 10 करोड़ 31 लाख 76 हजार रुपए आवंटित किए गए हैं, जबकि स्थानीय निकाय (नगर पालिकाओं और नगर परिषदों) चुनाव के लिए 19 करोड़ 33 लाख 2 हजार रुपए आवंटित किए गए हैं। यानी दोनों चुनाव में 29 करोड़ 64 लाख 78 हजार रुपए खर्च किए गए हैं। सरकार ने कोर्ट में यह राशि बताई थी।

फैक्ट फाइल

344 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे
281 ने अब तक चुनावी खर्च का दिया हिसाब
63 ने अभी तक नहीं बताया खर्च
184 प्रत्याशियों की हुई थी जमानत जब्त

Updated on:
29 Sept 2026 12:24 pm
Published on:
29 Sept 2026 12:24 pm