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Alwar: अलवर में करणी माता मंदिर का रास्ता नवरात्र पर खुलेगा या नहीं, देखें यहां

Alwar Karni Mata Temple: अलवर के प्रसिद्ध करणी माता मंदिर जाने वाले रास्ते को लेकर शारदीय नवरात्र से पहले संशय बना हुआ है। करीब डेढ़ साल से बंद पड़े इस मार्ग पर फिलहाल अस्थाई मरम्मत चल रही है। सड़क के कटाव और जंगल में बाघों की मौजूदगी के बीच प्रशासन अगले महीने रास्ता खोलने पर फैसला लेगा।
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alwar karni mata temple

करणी माता मंदिर मार्ग पर निर्माण कार्य किया जा रहा है (फोटो - पत्रिका)

Alwar Karni Mata Temple: अलवर में करणी माता मंदिर जाने वाला रास्ता नवरात्र में खुलेगा या नहीं, इसे लेकर अभी संशय बना हुआ है। पिछले करीब डेढ़ साल से बंद पड़े इस मार्ग पर फिलहाल पीडब्ल्यूडी की ओर से अस्थाई मरम्मत का काम कराया जा रहा है। स्थायी रूप से सड़क को दुरुस्त करने के लिए विभाग टेंडर भी कर चुका है, लेकिन काम पूरा होने में समय लगेगा।

मार्ग को चालू किया जाना है या नहीं, इस पर अगले महीने के पहले सप्ताह में निर्णय होने की संभावना है। नवरात्र मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासन की बैठक अगले महीने प्रस्तावित है। इसी बैठक में मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए खोलने को लेकर फैसला लिया जाएगा। माना जा रहा है कि यात्रियों के लिए पैदल मार्ग खोला जा सकता है। गौरतलब है कि जून, 2025 में बारिश के दौरान करीब 20 मीटर लंबाई में सड़क में कटाव आ गया था। इसके बाद लाखों रुपए खर्च कर पीडब्ल्यूडी ने इसे सही करवाया, लेकिन सड़क कुछ दिनों बाद फिर धंस गई।

नवरात्र में ही खुला था रास्ता

पिछले डेढ़ साल से मार्ग बंद है। हालांकि चैत्र और शारदीय नवरात्र के दौरान इसे श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए खोला गया था। अब शारदीय नवरात्र नजदीक आने के साथ एक बार फिर इस मार्ग को लेकर प्रशासन के सामने निर्णय का सवाल है। अलवर ही नहीं, आसपास के कई जिलों के लोगों की करणी माता कुलदेवी हैं। ऐसे में नवरात्र के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचते हैं।

बंद रास्ते पर बाघों ने बनाई टेरेटरी

मार्ग लंबे समय से बंद रहने का असर वन क्षेत्र पर भी पड़ा है। इस दौरान कई बाघों ने यहां अपनी टेरेटरी बना ली है। ऐसे में मार्ग खोलने से पहले वन्यजीवों की मौजूदगी और सुरक्षा को लेकर भी स्थिति को ध्यान में रखना होगा। यही कारण है कि सड़क की मरम्मत के साथ रास्ता खोलने का निर्णय भी अहम माना जा रहा है।

4.80 करोड़ रुपए का टेंडर

पीडब्ल्यूडी की ओर से फिलहाल अस्थाई मरम्मत कर रास्ते की स्थिति सुधारने का काम जारी है। स्थायी मरम्मत के लिए 4.80 करोड़ रुपए का टेंडर हो चुका है, लेकिन निर्माण में समय लगेगा। अब नवरात्र मेले को लेकर होने वाली प्रशासनिक बैठक में ही तय होगा कि श्रद्धालुओं के लिए यह रास्ता खोला जाएगा या नहीं।

पर्यटक लौट रहे हैं निराश

मार्ग बंद होने की वजह से पिछले डेढ़ साल से पर्यटक निराश लौट रहे हैं। यहां रोजाना बड़ी संख्या में पर्यटक टाइगर सफारी के लिए आते थे। साथ ही, बाला किला भी देखते थे, लेकिन प्रतापबंध से ही वन विभाग ने रास्ता बंद कर रखा है।

हम रास्ते को सही कर रहे हैं। नवरात्र में रास्ता खोलने के लिए अगले महीने निर्णय लिया जाएगा - अल्का व्यास, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी