
अलवर। हनुमान सर्किल पर नए रोडवेज बस स्टैंड का निर्माण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर होगा। एजेंसी ही इसका पूरा संचालन करेगी। इस पर राजस्थान सरकार की मुहर लग गई है। अब परिवहन निगम एजेंसी का चयन करेगा और बस स्टैंड की जमीन उसे लीज पर देगा। एजेंसी के कार्मिक ही इसका पूरा संचालन करेंगे। यहां बनने वाले कमर्शियल एरिया के किराए से एजेंसी कमाई करेगी। राजस्थान सरकार ने दो साल पहले नए बस स्टैंड का प्रस्ताव पास किया था, जिस पर 65 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
अलवर शहर में बनने वाले नए रोडवेज बस स्टैंड के लिए यूआइटी ने जमीन परिवहन निगम को मुहैया करा दी, जिसके बदले निगम ने 7 करोड़ का भुगतान यूआइटी को किया है। इस प्रक्रिया के बाद करीब तीन माह से यहां कोई काम नहीं हो रहा है। ऐसे में रोडवेज बस स्टैंड प्रोजेक्ट की अवधि और बढ़ रही थी। इसी बीच भजनलाल सरकार ने साफ कर दिया कि अलवर का नया रोडवेज बस स्टैंड अब पीपीपी मोड पर बनेगा। यानी सरकार इस प्रोजेक्ट पर राशि नहीं लगाएगी। एजेंसी का चयन करेगी, जो पूरा खर्चा करेगी और उसी हिसाब से यहां से आमदनी करेगी। अब परिवहन निगम इसी माह में एजेंसी का चयन करेगा।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आलमबाग बस टर्मिनल पीपीपी मॉडल का सबसे प्रमुख और सफल उदाहरण है। इसी के साथ आगरा, वाराणसी, गाजियाबाद और प्रयागराज में भी पीपीपी मॉडल पर बस स्टैंड बन रहे हैं। गुरुग्राम के सेक्टर 29 का अत्याधुनिक बस टर्मिनल पीपीपी मॉडल पर बनाया जा रहा है।
उदयपुर के उदियापोल बस स्टैंड को भी पीपीपी मॉडल पर विकसित करने की प्रक्रिया चल रही है। गुजरात के पालनपुर में नया बस पोर्ट पीपीपी मॉडल पर चल रहा। यह सबसे विकसित बस अड्डा है, जो एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से लैस है। वडोदरा और अहमदाबाद में भी पीपीपी मॉडल आधारित अत्याधुनिक बस टर्मिनल चल रहे हैं।
नया रोडवेज बस स्टैंड पीपीपी मॉडल पर बनाया जाएगा। परिवहन निगम एजेंसी का चयन करके इसे लीज पर देगा। जल्द यह प्रोजेक्ट धरातल पर आएगा। अलवर में नया बस स्टैंड बनने के बाद शहवरवासियों को भी काफी राहत मिलेगी। क्योंकि अभी शहर के अंदर बस स्टैंड होने के कारण कई बार जाम के हालात बन जाते है।
-स्नेहल नाना, सचिव, यूआइटी