अलवर जिले के रामगढ़ क्षेत्र के ओडेला गांव स्थित खनन लीज में 6 फरवरी की शाम हुए भारी ब्लास्टिंग हादसे के बाद चल रहा रेस्क्यू अभियान अहम पड़ाव पर पहुंच चुका है।
अलवर जिले के रामगढ़ क्षेत्र के ओडेला गांव स्थित खनन लीज में 6 फरवरी की शाम हुए भारी ब्लास्टिंग हादसे के बाद चल रहा रेस्क्यू अभियान अहम पड़ाव पर पहुंच चुका है। सौ फीट गहरी खाई में मलबे के नीचे दबी पोकलेन मशीन को बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन मशीन ऑपरेटर श्रीकांत तिवारी का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।
हादसे के बाद से ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। गाजियाबाद से मंगाई गई दो बड़ी क्रेनों की मदद से खाई में फंसी पोकलेन को बाहर निकाला गया। रेस्क्यू टीम के सदस्य ऑक्सीजन सिलेंडरों के सहारे पानी से भरी गहरी खाई में उतरे। खाई में भरे पानी को निकालने के लिए उच्च क्षमता की पंप मशीनों का उपयोग किया जा रहा है।
मौके पर डॉग स्क्वायड टीम भी तैनात है। अब बचाव दलों का फोकस लापता ऑपरेटर की तलाश पर है। खाई के एक हिस्से में गिरे पहाड़ के पत्थरों और मलबे को हटाने का कार्य तेज कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि ऑपरेटर की खोज तक रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा। उम्मीद है की आज बुधवार को ऑपरेटर श्रीकांत तिवाड़ी को भी निकाला जा सकता है।