अलवर

अलवर में बुजुर्ग के कमरे से ATM और दस्तावेज चोरी, खाते से उड़ाए ₹3.5 लाख

राजस्थान के अलवर में चोरी और धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां शिवाजी पार्क थाना क्षेत्र में एक शातिर चोर ने 86 वर्षीय बुजुर्ग रिटायर्ड फौजी के कमरे में घुसकर एटीएम और जरूरी दस्तावेज चुरा लिए। इसके बाद आरोपी ने बुजुर्ग के बैंक खाते से करीब साढ़े तीन लाख रुपए पार कर दिए।
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Updated: 7 Jun 2026, 11:14 AM IST
cheated atm
बुजुर्ग के घर से हुई चोरी

अलवर शहर में चोरी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। शिवाजी पार्क थाना क्षेत्र में एक 86 वर्षीय बुजुर्ग के कमरे में घुसे चोर ने नकदी और जरूरी दस्तावेज चुराने के बाद उनके बैंक खाते से करीब साढ़े तीन लाख रुपए निकाल लिए। घटना का खुलासा तब हुआ, जब बुजुर्ग ने बैंक जाकर खाते का स्टेटमेंट निकलवाया। बुजुर्ग का एक पुत्र जयपुर में डीटीओ के पद पर कार्यरत है। उसका परिवार शालीमार व अन्य दो पुत्र शिवाजी पार्क में रहते हैं।

जानकारी के अनुसार गणपति विहार कॉलोनी में किराए के मकान में अकेले रह रहे सेवानिवृत्त फौजी एवं पूर्व टीटीई अमरीक सिंह पुत्र इंदर सिंह के घर 30 मई की अलसुबह करीब पौने चार बजे एक युवक घुस गया। युवक ने गेट के पीछे टंगी शर्ट की जेब से मिलिट्री कार्ड, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड सहित अन्य जरूरी दस्तावेज और करीब 800-900 रुपए निकाल लिए।

मोबाइल उठाते समय खुली नींद

इसके बाद वह सिरहाने रखा मोबाइल फोन लेकर जाने लगा। मोबाइल उठाते समय हुई आहट से अमरीक सिंह की नींद खुल गई। उन्होंने चोर का हाथ पकड़ लिया, लेकिन आरोपी खुद को छुड़ाकर भाग निकला। भागते समय वह अपनी चप्पल भी मौके पर छोड़ गया। बुजुर्ग उसके पीछे मोहल्ले तक दौड़े और शोर मचाया, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी फरार हो गया। घटना के बाद अमरीक सिंह ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी और सुबह शिवाजी पार्क थाने में लिखित शिकायत भी दी।

बाद में 3 जून को उन्होंने एसबीआई की आर्य नगर शाखा पहुंचकर एटीएम और दस्तावेज चोरी होने की जानकारी दी तथा बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाया। स्टेटमेंट में पता चला कि उनके खाते से करीब साढ़े तीन लाख रुपए निकाल लिए गए हैं। यह राशि किशनगढ़बास, तिजारा और अलवर शहर के आर्य नगर स्थित एटीएम से निकाली गई।

पीड़ित का आरोप: चोरी हुई, रिपोर्ट में लिखा गुम होना

पीड़ित अमरीक सिंह का आरोप है कि उन्होंने पुलिस को स्पष्ट रूप से बताया था कि दस्तावेज और मोबाइल उनके घर से चोरी हुए हैं। उनका कहना है कि थाने में पहले डीओ नहीं होने की बात कही गई और बाद में ई-मित्र के जरिए ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराने को कहा गया। हालांकि दर्ज रिपोर्ट में दस्तावेज और मोबाइल गुम होने का उल्लेख किया गया, जबकि उनके अनुसार यह स्पष्ट रूप से चोरी का मामला है।

Updated on:
7 Jun 2026, 11:14 AM IST
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