अलवर

Rajasthan : घायल युवक को अस्पताल ला रहे थे, रास्ता जाम मिला तो एक किमी तक जीप के आगे पैदल दौड़े एएसआई मनोज

Alwar Police : अलवर में दीपक सिंह के लिए पुलिस फरिश्ता बनकर आई। पुलिस ने सड़क दुर्घटना में घायल बेहोश युवक दीपक को सड़क से उठाकर अस्पताल पहुंचाया। यही नहीं जाम की स्थिति होने पर करीब एक किमी तक जीप के आगे एएसआई मनोज ने दौड़ लगाई। जिसने भी सुना वही अलवर पुलिस की तारीफ कर रहा है।

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Jul 21, 2025
अलवर पुलिस बनी फरिश्ता। इनसेट में एएसआई मनोज कुमार यादव। फोटो पत्रिका

Alwar Police : अलवर में बीडीआई सोसायटी में पत्नी व बच्चों के साथ रहने वाले दीपक सिंह (29 वर्ष) के लिए पुलिस फरिश्ता बनकर आई, जिससे उसकी जान बच गई। पुलिस की तत्परता से एक परिवार उजड़ने से बच गया। दीपक प्राइवेट गाड़ी चलाने का काम करता है। उसके पिता सत्य प्रताप सिंह अलवर के सूर्य नगर में रहते हैं।

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घायल युवक सड़क पर पड़ा था, भीड़ बना रही थी वीडियो

हुआ यूं कि रविवार सुबह सदर थाना पुलिस के एएसआई मनोज कुमार यादव अपने साथी कांस्टेबल सत्येन्द्र और अन्य पुलिस कर्मियों के साथ चिकानी से अलवर की तरफ पुलिस जीप से आ रहे थे। रास्ते में चिकानी और बीडीआई सोयायटी के बीच सड़क दुर्घटना में घायल एक युवक बेहोशी की हालत में सड़क पर पड़ा हुआ था। उसके सिर में गंभीर चोट लगने के कारण चारों तरफ खून फैला हुआ था। मौके पर जमा भीड़ उसका वीडियो बना रही थी।

करीब एक किमी तक एएसआई मनोज ने जीप के आगे लगाई दौड़

एएसआई मनोज ने अपनी साथी पुलिस कर्मियों की मदद से घायल युवक को अपनी जीप में लिटाया और जिला अस्पताल के लिए रवाना हो गए। इस बीच टेल्को सर्किल स्थित एक मंदिर से धार्मिक यात्रा निकल रही थी। तिजारा फाटक पुलिया तक सड़क पर दोनों तरफ लंबा जाम लगा हुआ था। इससे थोड़ा आगे जेल सर्किल पर कांवड़ यात्रा निकल रही थी। जिसमें हजारों लोग शामिल थे। यहां भी सड़क पर जाम लगा हुआ था। यह देख एएसआई मनोज पुलिस जीप से उतरकर करीब एक किमी तक जीप के आगे दौड़ लगाते हुए लोगों को हटाते रहे और समय पर घायल युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच गई।

बाइक फिसलने से हुआ था घायल

दीपक किसी काम से बाइक पर सवार होकर चिकानी जा रहा था। रास्ते में बाइक स्लिप होने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में उसके सिर में गंभीर चोट लगी। हाथ-पैर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। फिलहाल उसका सामान्य अस्पताल में इलाज चल रहा है। अब उसकी स्थिति सामान्य है।

यह अहसान हमारा परिवार जीवनभर याद रखेगा

मेरे बेटे की जान बचाने के लिए पुलिस देवदूत बनकर आई। रास्ते में बेटे को होश आने पर पुलिस कर्मियों ने मोबाइल नंबर लेकर हमें सूचना दी। जिसके बाद हम सीधे अस्पताल पहुंचे। तब तक हमारा बेटा अस्पताल में भर्ती हो चुका था। एएसआई मनोज कुमार यादव की वर्दी भी खून में सन गई। अगर पुलिस मदद नहीं करती, तो पता नहीं क्या होता। मैंने अस्पताल पहुंचकर पुलिसकर्मियों का आभार जताया। यह अहसान हमारा परिवार जीवनभर याद रखेगा।
सत्य प्रताप सिंह, घायल युवक के पिता

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Updated on:
21 Jul 2025 10:26 am
Published on:
21 Jul 2025 08:42 am
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