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Alwar Property Fraud: 15 साल पहले खरीदे प्लॉट की करा ली फर्जी रजिस्ट्री, 4 पर केस दर्ज

Alwar Property Fraud: अलवर के वैशाली नगर थाना क्षेत्र में 15 साल पहले खरीदे गए एक प्लॉट की फर्जी रजिस्ट्री कराकर उस पर कब्जा करने की कोशिश की गई। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया है।
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Jul 15, 2026
property fraud
representative picture (AI)

Alwar Property Fraud: जमीन और प्लॉट के सौदों में धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामला अलवर शहर के वैशाली नगर इलाके का है। पीड़ित कपिल राजन कपूर ने कोर्ट की शरण ली, जिसके बाद एसीजेएम-4 के आदेश पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है।

परिवादी कपिल ने बताया कि उन्होंने साल 2011 में ग्राम 'मन्ना का बास' स्थित खसरा नंबर 122 में 200 वर्गगज का एक प्लॉट खरीदा था। यह सौदा 3 लाख 45 हजार रुपए में तय हुआ था, जिसके बाद 10 अगस्त 2011 को बकायदा इसका इकरारनामा (एग्रीमेंट) निष्पादित किया गया था। कपिल ने पूरी रकम का भुगतान कर दिया था और तभी से प्लॉट का कब्जा भी उनके पास था।

बाउंड्री कराने पहुंचे तो सामने आई धोखाधड़ी

खरीदे गए प्लॉट की फर्जी रजिस्ट्री का मामला तब उजागर हुआ, जब परिवादी 29 जून 2026 को अपने प्लॉट पर निर्माण कार्य शुरू कराने पहुंचे। वहां मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें रोकते हुए जमीन पर अपना दावा जताया। अचानक हुए इस विवाद से हैरान पीड़ित ने तत्काल उप पंजीयक (सब-रजिस्ट्रार) कार्यालय पहुंचकर जमीन से जुड़े सभी रिकॉर्ड निकलवाए।

दस्तावेजों की जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि प्लॉट की फर्जी रजिस्ट्री कराई जा चुकी थी। रिकॉर्ड में गड़बड़ी सामने आने के बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। मामले की जांच में फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन पर कब्जा करने की साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


खसरा नंबर बदलकर तैयार किए फर्जी कागजात

जांच के दौरान रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आया कि मुख्य आरोपी कयूब खान ने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से साजिश रची। आरोपियों ने 27 अप्रैल 2026 को संबंधित प्लॉट का फर्जी विक्रय-पत्र (सेल डीड) तैयार कराया और उसका रजिस्ट्रेशन भी करवा लिया।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने असली दस्तावेज में दर्ज खसरा नंबर 122 को बदलकर खसरा नंबर 123 अंकित कर दिया। इसी कूटरचित दस्तावेज के आधार पर वे पीड़ित के प्लॉट पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे। पीड़ित की शिकायत और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

वैशाली नगर थाना पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनका उपयोग करने की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब फर्जी रजिस्ट्री तैयार करने में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। मामले में दस्तावेजों की वैधानिक जांच के साथ आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।

Updated on:
15 Jul 2026 12:28 pm
Published on:
15 Jul 2026 12:27 pm