
अलवर के राजगढ़ में बुधवार को नए डीएसपी देशराज कुलदीप को पदभार ग्रहण करना था। लेकिन उनके दफ्तर पहुंचने से करीब एक घंटे पहले ही वहां एक अनचाहा मेहमान आ धमका। राजगढ़ पुलिस उपअधीक्षक (DSP) कार्यालय परिसर में अचानक एक लंबा और फुर्तीला सांप रेंगता हुआ दिखाई दिया।
ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों और दफ्तर के कर्मचारियों की नजर जैसे ही उस सांप पर पड़ी, पूरे महकमे में खलबली मच गई। अपनी सुरक्षा को देखते हुए दफ्तर के सभी पुलिसकर्मी तुरंत कमरों से बाहर की तरफ भागे।
सांप की मौजूदगी से कुछ देर के लिए डीएसपी दफ्तर का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया। आनन-फानन में इसकी सूचना राजगढ़ नगर पालिका की स्नेक रेस्क्यू टीम को दी गई। सूचना मिलते ही रेस्क्यू एक्सपर्ट जुगनू तांबोली अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे।
उन्होंने देखा कि सांप काफी लंबा और आक्रामक मूड में था, जो दफ्तर के एक कोने में छिपा बैठा था। टीम ने बेहद सावधानी बरतते हुए कड़ी मशक्कत के बाद उस सांप पर काबू पाया और उसे सुरक्षित एक पकड़ लिया, तब जाकर पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली।
स्नेक कैचर जुगनू तांबोली ने बताया कि पकड़ा गया सांप 'रेड स्नेक' प्रजाति का था। जानकारों के अनुसार इसे आम बोलचाल में घोड़ा पछाड़ सांप भी कहा जाता है। सांप की लंबाई करीब 8 फीट थी। स्नेक कैचर जुगनू तांबोली ने बताया कि इसके काटने से इंसानी जान को कोई खतरा नहीं होता, लेकिन इसके दांत नुकीले होने के कारण यह घाव जरूर कर सकता है।
इसलिए किसी भी सांप को देखकर सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। रेस्क्यू करने के बाद टीम सांप को गाड़ी में डालकर पास की लवकुश वाटिका के जंगल में ले गई और वहां सुरक्षित प्राकृतिक वातावरण में आजाद कर दिया।
आपको बता दें कि राजस्थान सरकार की ओर से हाल ही में किए गए पुलिस अधिकारियों के तबादलों में अधिकारी देशराज कुलदीप का चित्तौड़गढ़ से अलवर के राजगढ़ में ट्रांसफर हुआ है। उन्हें राजगढ़ सर्किल का कार्यभार संभालना था। उनके दफ्तर में एंट्री करने से ठीक पहले हुई इस घटना की चर्चा अब पूरे पुलिस महकमे और आम जनता के बीच खूब हो रही है।