
अलवर राजकीय राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय में मरीजों की सुविधा के लिए उपलब्ध कराई गई सरकारी एम्बुलेंस के कथित निजी इस्तेमाल का मामला सामने आने से चिकित्सा विभाग में हलचल मच गई है। आरोप है कि अस्पताल की नर्सिंग अधीक्षक सरकारी एम्बुलेंस का उपयोग अपने घर आने-जाने के लिए कर रही थीं। एम्बुलेंस की लॉगबुक से जुड़े दस्तावेज सामने आने और दो वीडियो वायरल होने के बाद मामला मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) तक पहुंच गया।
इसके बाद सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) से रिपोर्ट मांगी है। पीएमओ ने जांच टीम गठित कर दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंची शिकायत के मुताबिक, नर्सिंग अधीक्षक सुशीला वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी एम्बुलेंस का इस्तेमाल अस्पताल से अपने घर आने-जाने के लिए किया। एम्बुलेंस मरीजों को लाने-ले जाने और चिकित्सा संबंधी जरूरतों के लिए उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में इसका निजी आवागमन के लिए उपयोग किया जाना नियमों के अनुरूप नहीं है।
इस प्रकरण का खुलासा तब हुआ, जब एम्बुलेंस की लॉगबुक के वे पन्ने बाहर आ गए, जिसमें यह अंकित किया गया है कि नर्सिंग अधीक्षक को घर छोड़ा गया। लॉगबुक के अलग-अलग पन्नों पर यह दर्ज किया गया है। यही नहीं, नर्सिंग अधीक्षक के एम्बुलेंस से जाते हुए वीडियो भी सामने आए हैं।
कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हैं। सीएमओ ने इस मामले को स्वास्थ्य विभाग के निदेशक को जांच के लिए भेजा, तो उन्होंने सीएमएचओ से रिपोर्ट मांगी है। इस प्रकरण की जांच के लिए पीएमओ ने फिजिशियन डॉ. सुरेश मीणा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित की है। टीम में डॉ. कुश कुंदनानी, डॉ. हितेंद्र शेखावत शामिल हैं।
नर्सिंग अधीक्षक कहा कि ‘कभी-कभार ड्यूटी के दौरान ओवर टाइम होने के कारण ही एम्बुलेंस का प्रयोग किया है, रेगुलर कभी नहीं किया। इसका जवाब उच्चाधिकारियों को दे दिया है। जांच करवाएंगे, तो सब साफ हो जाएगा। कुछ लोग अपने हित साधने के लिए शिकायत करते हैं’ - सुशीला वर्मा, नर्सिंग अधीक्षक, सामान्य अस्पताल
इस प्रकरण में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी गई है। जैसे ही कमेटी की रिपोर्ट आएगी, उसी आधार पर एक्शन लेंगे और सीएमओ को भी रिपोर्ट भेजेंगे - डॉ. प्रेम सैनी, पीएमओ, सामान्य अस्पताल