
अलवर जिले के रामगढ़ कस्बे के पास सोमवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे ने हाईवे पर अफरा-तफरी मचा दी। अलवर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर भावसिद्ध मंदिर के निकट पुलिया के घुमाव पर हरियाणा रोडवेज की बस और ट्रक की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। बस और ट्रक के चालक अपने-अपने केबिन में फंस गए, जबकि बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
जानकारी के अनुसार हादसा सोमवार दोपहर करीब 12:30 बजे हुआ। हरियाणा रोडवेज की बस अलवर से गुरुग्राम जा रही थी। बस में करीब 21 यात्री सवार थे। टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस के आने से पहले ही राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की और घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।
सूचना मिलते ही रामगढ़ थाना प्रभारी अजीत सिंह बड़सरा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद बस चालक अनिल कुमार और ट्रक चालक को केबिन से बाहर निकाला। सभी घायलों को तत्काल रामगढ़ उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे की सूचना मिलने पर रामगढ़ डीएसपी पिंटू कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य की निगरानी की। उनकी मौजूदगी में क्रेन बुलाकर दुर्घटनाग्रस्त बस और ट्रक को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद करीब एक घंटे से बाधित यातायात फिर से सुचारु हो सका।
हरियाणा रोडवेज के परिचालक आनंद प्रकाश ने बताया कि बस रामगढ़ से यात्रियों को बैठाकर आगे बढ़ी थी। वह यात्रियों के टिकट बना रहे थे कि तभी सामने से आए ट्रक से बस की सीधी टक्कर हो गई। हादसे में बस चालक अनिल कुमार केबिन में फंस गए, जबकि अधिकांश यात्रियों को चोटें आईं। डीएसपी पिंटू कुमार ने बताया कि हादसे में कुल 21 लोग घायल हुए हैं। इनमें नौ घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर उपचार के लिए अलवर जिला अस्पताल रेफर किया गया, जबकि अन्य का उपचार रामगढ़ उप जिला अस्पताल में जारी है। ट्रक चालक को भी गंभीर चोटें आई हैं, जबकि बस चालक की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई गई है। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भावसिद्ध मंदिर के पास पुलिया का घुमाव लंबे समय से दुर्घटना संभावित क्षेत्र बना हुआ है। यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस स्थान पर गति नियंत्रण के उपाय, चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर और अन्य सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।