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Alwar: लिपिक भर्ती फर्जीवाड़ा में आठ अधिकारी-कर्मचारियों पर कसा शिकंजा, सरकार को भेजी चार्जशीट

जिला परिषद लिपिक भर्ती 2022 (मुख्य भर्ती 2013) में खेल करने वाले आठ अधिकारी-कर्मचारियों को सरकार चार्जशीट देगी। जिला परिषद सीईओ ने सरकार को नाम सहित चार्जशीट भेजी है।
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अलवर

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Umesh Sharma

Aug 03, 2026

jila parishad

अलवर जिला परिषद कार्यालय

अलवर जिला परिषद लिपिक भर्ती 2022 (मुख्य भर्ती 2013) में खेल करने वाले आठ अधिकारी-कर्मचारियों पर शिकंजा कसता जा रहा है। जिला परिषद ने 31 जुलाई को इन सभी के नाम से चार्जशीट सरकार को भेजी हैं। वहां से इन अधिकारी व कार्मिकों के पास चार्जशीट भेजी जाएंगी। जिनके नाम सामने आए हैं, वह अपने बचाव के लिए रास्ते तलाश रहे हैं। एक पूर्व कार्यवाहक सीईओ के नाम से चार्जशीट जारी नहीं की गई, जबकि भर्ती के दौरान उन्हीं के पास प्रमुख चार्ज था, लेकिन जिला परिषद ने कोर्ट के आदेश व लीगल नोटिस मिलने के बाद अपने हाथ पीछे खींच लिए।


बर्खास्त लिपिक रुकमणी नंदन शर्मा, सीमा गुर्जर और कृष्णा शर्मा की नियुक्ति में नियमों का पालन नहीं हुआ और उन्हें नौकरी दे दी गई। काफी समय तक यह नौकरी करते रहे, लेकिन शिकायत होने के बाद जांच की गई। उच्च स्तरीय जांच में यह भर्ती गलत पाई गई और इन्हें परिषद ने बर्खास्त कर दिया। इस मामले में 10 अधिकारी व कार्मिक लपेटे में आ गए, जिनका भर्ती से संबंध था। पूर्व में की गई जांच रिपोर्ट में इन सभी का नाम खोला गया है। साथ ही, इस भर्ती में बड़े पैमाने पर हुए खेल पर एक्शन लेने की बात कही गई है। जांच में सत्यापन जांच दल के अधिकारी व शिक्षक भी कार्रवाई की जद में आए हैं। यह रिपोर्ट सरकार के पास पहुंची, तो काफी दिन तक दबी रही, लेकिन मामला सार्वजनिक होने पर सरकार ने जिला परिषद से इन सभी की चार्जशीट मांगी, जिसमें आठ ही लोगों की चार्जशीट भेजी गई है। एक चार्जशीट पूर्व में एक लिपिक को दी गई थी। इस तरह चार्जशीट मिलने वाले कार्मिकों की संख्या नौ होगी। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने यह मामला प्रमुखता से उठाया था।

सरकार ने जारी किए थे कई आदेश

पिछले महीने 7 जून को भी पंचायती राज विभाग के संयुक्त शासन सचिव जसवंत सिंह की ओर से जिला परिषद के सीईओ को पत्र जारी कर दोषी पाए गए अधिकारी-कर्मचारियों की चार्जशीट के प्रस्ताव 7 दिन में मंगवाए गए थे, लेकिन इसमें देरी हो गई। इससे पहले भी इन सभी के आरोप पत्र सरकार ने जिला परिषद से मंगाए थे, लेकिन जिला परिषद में 8 सितंबर, 2025 को इन अधिकारी- कर्मचारियों की व्यक्तिगत सुनवाई करते हुए बिना कोई कार्रवाई किए केवल उनके जवाब ही सरकार को भिजवा दिए गए, जिससे सरकार आज तक कोई फैसला नहीं ले पाई। इसके 9 महीने बाद अब सरकार ने फिर से जिला परिषद को चार्जशीट के प्रस्ताव भिजवाने के लिए कहा, तो 31 जुलाई को यह भेजी गई हैं।

सरकार को भेजी गई चार्जशीट में इनका नाम

तत्कालीन वरिष्ठ विधि अधिकारी विराट कुमार, तत्कालीन बीडीओ रैणी कालूराम मीणा, तत्कालीन बीडीओ मालाखेड़ा कजोड़ मल मीणा, तत्कालीन कार्यवाहक बीडीओ राजगढ़ बृजमोहन बैरवा, एसीबीईओ गजेंद्र यादव, प्रधानाचार्य नरेंद्र सिंह यादव, आरपी मनोज कुमार, अध्यापक राकेश धनेटवाल के नाम से चार्जशीट सरकार को भेजी गई है। वहां से यह सभी को दी जाएगी। तत्कालीन कार्यवाहक सीईओ रेखा रानी व्यास के नाम से भी चार्जशीट जारी होनी थी, लेकिन हाईकोर्ट की ओर से पूर्व में जारी आदेश व नोटिस को देखते हुए जिला परिषद ने इसके अध्ययन करने के बाद कार्रवाई के लिए सरकार को कहा है। कनिष्ठ लिपिक राजेश कुमार यादव को जिला परिषद की ओर से पूर्व में चार्जशीट जारी की जा चुकी है। वह एक प्रकरण में सात दिन के लिए जेल भी गए थे।