
अलवर नगर निगम में 2012 की सफाई भर्ती में चयनित 329 अभ्यर्थियों के हक के लिए अब सूबे के वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा खुलकर मैदान में उतर आए हैं। मंगलवार को नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका के अचानक हुए तबादले के बाद अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा था। मंगलवार शाम तक चले हंगामे और प्रदर्शन के बाद आज बुधवार को खुद मंत्री संजय शर्मा अभ्यर्थियों के समर्थन में नगर निगम परिसर में धरने पर बैठ गए।
धरने के दौरान अपनी ही सरकार के प्रशासनिक अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि वर्ष 2012 में 329 सफाई कर्मचारियों की भर्ती हुई थी, जिन्हें आज तक नियुक्ति पत्र नहीं दिए गए। अभ्यर्थियों के पक्ष में हाई कोर्ट का फैसला आने और स्वायत्त शासन विभाग (DLB) की ओर से अभ्यर्थियों को योग्य माने जाने के बावजूद स्थानीय अफसर पत्राचार के नाम पर मामला अटकाते रहे।
DLB और नगर निगम के बीच 4-5 बार पत्राचार हुआ, जिसमें अभ्यर्थियों के हक में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। और पिछले छह-सात महीने से तत्कालीन आयुक्त, जिनका कल ट्रांसफर हुआ है, वो लगातार इनको गुमराह करते रहे। पहले बोले कि मैं जांच कर रहा हूं, फिर बोले कि 100 एलिजिबल पाए गए हैं, फिर बोले 87 एलिजिबल पाए गए हैं, फिर बोले कि 69 एलिजिबल पाए गए हैं। उसके बाद कलक्टर से मेरी बात हुई। कलक्टर ने भी यह बताया कि 69 को एलिजिबल पाया गया है।
मंत्री ने कहा कि जिला कलक्टर से बात हुई तो जिला कलक्टर का यह कहना है कि चूँकि नियोक्ता नहीं है तो मैं नियुक्ति पत्र नहीं दे सकती। तो मैंने उनसे कहा कि आप सरकार से बात करें और जो भी नियोक्ता है उसको बताएं एवं नियुक्ति पत्र दिलाएं। लेकिन ऐसा लगा कि जिला कलक्टर की भी मंशा और तत्कालीन आयुक्त की मंशा इनको नियुक्ति पत्र देने की नहीं थी।
उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय में ACS अखिल अरोड़ा को भी स्वायत्त शासन विभाग का पत्र भेजकर तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की गई है। उनको मैंने जो DLB का आखिरी पत्र भी सेंड किया है। लेकिन उसके बावजूद जिला कलक्टर ऐडामेंट (adamant) हैं इनको नियुक्ति पत्र नहीं देने का।
इसका सीधा-सीधा एक ही कारण है, या तो उनकी मंशा नहीं है देने की या कुछ इन-मीनिंगफुल (inmeaningful) तरीके से यह इनको दबाव में लेकर के कुछ डिमांड्स रखना चाह रहे हैं। जो यह किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं है। प्रशासन के इस ढुलमुल रवैये से नाराज मंत्री ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कलक्टर का व्यवहार लोकतंत्र के खिलाफ है। वे ऐसा बर्ताव कर रही हैं जैसे खुद राजा हों और जनता प्रजा।
मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि यह समाज मेरा अपना समाज है। अलवर शहर का समाज, मेरे अपने लोग हैं। इनके हर सुख-दुख में भागीदारी रहने का मेरा कर्तव्य बनता है। जब तक सरकार व प्रशासन की तरफ से कोई ठोस व सार्थक निर्णय नहीं हो जाता, वे सफाई अभ्यर्थियों के साथ धरने पर डटे रहेंगे। इसी बीच दोपहर में मंत्री से बात करने एडीएम भी मौके पर पहुंचे।