अलवर

Alwar: छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे स्टूडेंट्स 

अलवर के बाबू शोभाराम कला महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव कराने सहित 16 सूत्री मांगों को लेकर पांच छात्र नेताओं ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। कॉलेज गेट पर चल रहे इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्र नेताओं के बीच टेंट व अन्य सामान लगाने को लेकर नोकझोंक भी हुई।
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Aug 03, 2026
alwar student
कला कॉलेज के मुख्य गेट पर भूख हड़ताल (फोटो - पत्रिका)

अलवर के बाबू शोभाराम कला महाविद्यालय में सोमवार से छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग ने फिर जोर पकड़ लिया। छात्रसंघ चुनाव सहित 16 सूत्री मांगों को लेकर पांच छात्र नेताओं ने कॉलेज के मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। सुबह करीब 10 बजे से छात्र धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेताओं में अंकित गुर्जर, विनोद जाटव, अजय चौधरी, इरफान खान और अभिषेक यादव शामिल हैं। इनके समर्थन में बड़ी संख्या में छात्र भी कॉलेज गेट पर पहुंचे और आंदोलन में शामिल हुए। छात्रों का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है, इसलिए अब भूख हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है।

छात्र नेताओं और पुलिस के बीच बहस

धरने की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन धरना स्थल पर गद्दे, टेबल और टेंट लगाने के लिए प्रशासन की अनुमति जरूरी होगी। इसी बात को लेकर छात्र नेताओं और पुलिस के बीच कुछ देर तक बहस हुई। छात्रों ने ऑटो से गद्दे उतरवा दिए, जबकि पुलिस ने टेबल नहीं उतरने दी और ऑटो चालक को वापस भेज दिया।

कार्रवाई की चेतावनी

इस बीच छात्र नेता अंकित गुर्जर ने आरोप लगाया कि आंदोलन शुरू होने के बाद उन्हें लगातार धमकी भरे फोन आ रहे हैं। उनका कहना है कि फोन पर हड़ताल के लिए प्रशासन से अनुमति लेने और ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है। छात्रों ने सवाल उठाया कि अपनी समस्याओं को उठाने और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के लिए भी क्या उन्हें अनुमति लेनी पड़ेगी।


ये हैं मांगे

एनएसयूआई सचिव विनोद जाटव ने बताया कि छात्रों की 16 सूत्रीय मांगों में छात्रसंघ चुनाव की घोषणा, समय पर सेमेस्टर परीक्षाएं, परीक्षा शुल्क में राहत, नई शिक्षा नीति के तहत योग्य शिक्षकों की नियुक्ति, कंप्यूटर शिक्षक उपलब्ध कराना या फीस वापस करना, नियमित कक्षाएं, रिक्त पदों पर भर्ती, आधुनिक पुस्तकालय, स्वच्छ पेयजल, बेहतर शौचालय, बैठने की व्यवस्था, छात्राओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और महिला हेल्प डेस्क, मुफ्त वाई-फाई, समय पर छात्रवृत्ति, आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को शुल्क में राहत, खेल और करियर गाइडेंस की सुविधा तथा हर महीने प्राचार्य और छात्र प्रतिनिधियों के साथ खुली बैठक आयोजित करना शामिल है। अलवर में छात्र नेताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

Updated on:
03 Aug 2026 02:18 pm
Published on:
03 Aug 2026 02:17 pm