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अलवर. स्वच्छता की रैंकिंग में अलवर की फजीहत होने के बावजूद भी अलवर शहर की सफाई व्यवस्था सुधर नहीं रही। कुछेक जगहों पर ऐसे प्वाइंट बन गए जहां हमेशा कचरा सड़ता है। बदबू से आसपास की कॉलोनियों के लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। खूब शिकायतों के बावजूद प्रशासन इसका समाधान करने में फेल साबित हो रहा है।
अम्बेडकर नगर मुख्य रोड पर सैकड़ों टन कचरा
200 फीट बाइपास पर बसी अम्बेडकर नगर कॉलोनी के सामने मुख्य सड़क पर पूरे शहर का कचरा पटका जाता है। हमेशा यहां सैकड़ों टन कचरा पड़ा मिलता है जिसके कारण बदबू से बुरा हाल है। अब बारिश में तो यहां की सड़ांध दूर तक पहुंच रही है। कचरा गल रहा है। पशु मुंह मारते रहते हैं। इस कारण इतनी सड़ांध रहती है कि आधा किलोमीटर दूर तक खड़े नहीं रह सकते जबकि दूसरी ताफ भी रिहायशी इलाका है। वहां भी इस कचरे की बदबू से बीमारियां फैल रही हैं।
अधिकारियों के आवासों के बाहर भी कचरे का अम्बार : शहर की स्कीम नम्बर तीन बसंत विहार स्थित यूआईटी अधिकारियों के सरकारी निवास के बाहर सहित शहर में अन्य स्थानों पर गंदगी के ढेर देखे जा सकते हैं। स्कीम नम्बर तीन के प्रवेश द्वार पर गंदगी के कारण आवारा पशुओंका जमावड़ा रहता है। यहां कचरे के पास ही स्थानीय पार्षद का बोर्ड भी लगा है।
नालों के अधिक कचरा :
बाजारों की गदंगी अधिकतर नालों में आ रही है। दुकानदार भी कचरा एक जगह संग्रहित नहीं कर रहे। जिससे जगह-जगह कचरे के ढेर मिलते हैं। नालियां भरी रहती हैं। बारिश में कचरा सड़कों पर आ जाता है। शहर के पुराने क्षेत्रों में सफाई कम होती है। जिससे वहां गंदगी अधिक रहती है।