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Alwar News: इंदिरा गांधी स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक और हॉकी मैदान का काम ठप, खिलाड़ी परेशान

अलवर में इंदिरा गांधी स्टेडियम में करीब 7 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे आधुनिक सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक और नवीन स्कूल परिसर में हॉकी मैदान का निर्माण कार्य पिछले कई महीनों से पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है।
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अलवर

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Rajendra Banjara

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Updated: 16 Jun 2026, 11:51 AM IST

alwar indira gandhi stadium

इंदिरा गांधी स्टेडियम में बन रहा सिंथेटिक ट्रैक (फोटो - पत्रिका)

अलवर जिले के खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इंदिरा गांधी स्टेडियम में करीब 7 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रहे सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक का काम पिछले एक महीने से ठप पड़ा है। खिलाड़ियों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि अगले कुछ दिनों में मानसून की दस्तक होने वाली है। बारिश शुरू होने के बाद निर्माण कार्य फिर से बंद कर दिया जाएगा। दरअसल, ट्रैक निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री, विशेष रूप से डामर (बिटुमिन) की उपलब्धता प्रभावित होने से काम की गति धीमी हुई है।

अभ्यास के लिए आते हैं खिलाड़ी

निर्माण एजेंसी का कहना है कि आवश्यक सामग्री उपलब्ध होते ही कार्य को फिर से तेज किया जाएगा। इंदिरा गांधी स्टेडियम एथलेटिक्स, पुलिस भर्ती, सेना भर्ती, खेल प्रतियोगितओं और विभिन्न खेल अकादमियों के खिलाड़ियों का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रतिदिन सुबह-शाम कई खिलाड़ी अभ्यास के लिए पहुंचते हैं।

निर्माण कार्य के चलते स्टेडियम का नियमित उपयोग संभव नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में यूआइटी के एक्सईएन विनीत कुमार का कहना है कि सिंथेटिक ट्रैक का 30 से 35 प्रतिशत काम हो गया है। डामर नहीं मिलने की वजह से काम धीरे चल रहा है। ठेकेदार को काम की धीमी गति के लिए नोटिस भी दिया हुआ है।


हॉकी मैदान निर्माण तीन माह से ठप

शहर में खेल सुविधाओं के विकास को लेकर चल रही योजनाओं की धीमी रफ्तार खिलाड़ियों और आमजन के लिए परेशानी का कारण बन रही है। नवीन स्कूल परिसर में प्रस्तावित हॉकी मैदान का निर्माण कार्य पिछले करीब तीन महीनों से बंद पड़ा हुआ है। मैदान के विकास के लिए यूआईटी द्वारा कार्य प्रारंभ किया गया था और शुरुआती चरण में सफाई एवं भूमि समतलीकरण जैसे कार्य भी किए गए, लेकिन इसके बाद निर्माण गतिविधियां आगे नहीं बढ़ सकीं।

हॉकी मैदान का निर्माण रुकने से खिलाड़ियों में निराशा का माहौल है। स्थानीय खेल प्रेमियों का कहना है कि मैदान तैयार होने से हॉकी खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास सुविधाएं मिलतीं, जिससे जिले में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा मिलता। वहीं, यह परिसर केवल खिलाड़ियों के लिए ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है।

प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं यहां सुबह-शाम टहलने, दौड़ने और व्यायाम करने पहुंचते हैं। अधूरा निर्माण और रुका हुआ कार्य उनके लिए भी असुविधा का कारण बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से जल्द निर्माण कार्य शुरू कर मैदान को विकसित करने की मांग की है, ताकि खिलाड़ियों और आमजन दोनों को इसका लाभ मिल सके।