
अलवर के ट्रांसपोर्ट नगर में नए और आधुनिक फ्लैट्स बनाने की तैयारी चल रही है। यह फ्लैट्स विशेष रूप से उच्च आय वर्ग (HIG) यानी अमीर और संभ्रांत परिवारों की पसंद और जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए जाने का प्रस्ताव है। हालांकि, अलवर में अब तक बहुमंजिला इमारतों या फ्लैट सिस्टम का वैसा चलन नहीं रहा है जैसा बड़े महानगरों में देखने को मिलता है। यही वजह है कि सरकार और आवासन मंडल इस योजना को बहुत फूंक-फूंककर और जमीनी हकीकत को ध्यान में रखकर आगे बढ़ा रहे हैं।
पहले इस प्रोजेक्ट को लेकर कुछ असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। दरअसल, पड़ोस के औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी में भी उच्च आय वर्ग के लिए शानदार फ्लैट्स बनाए जा रहे हैं, लेकिन वहां सरकार ने आठ मंजिल (8-storey) की ऊंची इमारतों को मंजूरी दी है। अधिकारियों का मानना है कि अलवर शहर का मिजाज भिवाड़ी से काफी अलग है। यहां लोग बहुत ज्यादा ऊंचाई पर रहना पसंद नहीं करते और ऊंची इमारतों में खरीदार मिलना मुश्किल हो सकता है।
इसी वजह से राजस्थान आवासन मंडल ने अलवर की जमीनी हकीकत को देखते हुए सरकार से इसके डिजाइन और नियमों में बदलाव की खास अनुमति मांगी थी। विभाग की नई योजना के मुताबिक, ट्रांसपोर्ट नगर में आठ मंजिल के बजाय केवल चार मंजिल (4-storey) के ही फ्लैट बनाए जाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि चार मंजिला फ्लैट्स होने से लोग इन्हें हाथों-हाथ खरीदेंगे और इसमें निवेश करने के लिए आगे आएंगे। चार मंजिल की सीमा तय होने से लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा।
अब इस पूरे प्रोजेक्ट का भविष्य इसी महीने होने वाली एक महत्वपूर्ण बैठक पर टिका हुआ है। आवासन मंडल के अतिरिक्त मुख्य अभियंता (जयपुर) पीएल मीणा ने जानकारी दी है कि जून महीने के मध्य में, संभवतः 15 जून को जयपुर में विभाग की एक हाई-लेवल मीटिंग होने वाली है। इस बैठक में न सिर्फ अलवर के ट्रांसपोर्ट नगर की इस महत्वपूर्ण योजना पर आखिरी मुहर लगेगी, बल्कि प्रदेश के कई अन्य हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को लेकर भी बड़े फैसले किए जाएंगे। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो अलवर के लोगों को जल्द ही एक बेहतरीन लोकेशन पर अपने सपनों का आशियाना बनाने या निवेश करने का शानदार मौका मिलेगा।