
अलवर में समता आंदोलन समिति की ओर से रविवार को कंपनी बाग स्थित शहीद स्मारक पर यूजीसी गाइडलाइन (UGC Guidelines) के विरोध में सांकेतिक धरना आयोजित किया गया। कार्यक्रम सुबह 10 बजे शुरू हुआ और दोपहर 12 बजे तक चला। समिति ने इस आयोजन के माध्यम से गाइडलाइन को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखीं।
समिति की ओर से धरने से पहले जारी अपील में समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचने का आह्वान किया गया था। संगठन ने लोगों से अपने साथियों के साथ शामिल होकर इस मुद्दे पर अपनी भागीदारी निभाने की अपील की। धरने का उद्देश्य लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात संबंधित पक्षों तक पहुंचाना बताया गया।
समता आंदोलन समिति का कहना है कि शिक्षा से जुड़े नियमों और दिशा-निर्देशों पर विचार करते समय सभी संबंधित पक्षों की बात सुनी जानी चाहिए। इसी उद्देश्य से समिति ने यूजीसी गाइडलाइन के विरोध में सांकेतिक धरना देने का निर्णय किया। संगठन ने समाज के लोगों से एकजुट होकर अपने विचार और सुझाव सामने रखने की अपील की।
यूजीसी यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission) देश में उच्च शिक्षा से जुड़े मानकों और व्यवस्थाओं से संबंधित संस्था है। इसके दिशा-निर्देश विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों से जुड़े विभिन्न विषयों को प्रभावित करते हैं। ऐसे में गाइडलाइन को लेकर अलग-अलग संगठनों की ओर से अपनी राय और आपत्तियां रखी जाती रही हैं। अलवर में आयोजित इस धरने के जरिए समिति ने भी अपना विरोध दर्ज कराया।
समिति ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए और धरने में शामिल होने वाले लोगों ने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखी। संगठन की ओर से समाज के लोगों को अधिक संख्या में पहुंचने और अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया गया था। धरने के लिए कंपनी बाग स्थित शहीद स्मारक को चुना गया और कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शुरू हुआ व दोपहर 12 बजे चला। समिति ने इस आयोजन को शिक्षा से जुड़े विषय पर अपनी राय सामने रखने का माध्यम बताया। समता आंदोलन समिति की ओर से इस कार्यक्रम में समिति ने लोगों से एकजुट होकर कार्यक्रम में भाग लेने और अपने विचार रखने का आह्वान किया। अलवर में आयोजित इस सांकेतिक धरने का मुख्य मुद्दा यूजीसी गाइडलाइन का विरोध रहा। समिति ने इस माध्यम से संबंधित विषय पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।