25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Alwar: अलवर में प्याज की आवक शुरू, रविवार को 2 हजार कट्टे पहुंचे, रात में होगी खरीद

अलवर की प्याज मंडी में लाल प्याज की आवक शुरू हो गई है। रविवार को मंडी में करीब 2 हजार कट्टे पहुंचे और प्याज 1500 से 1875 रुपए प्रति मन तक बिका। जाम से बचने के लिए अब रात में खरीद होगी। एक नवंबर से प्याज की बंपर आवक की उम्मीद है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अलवर

•

image

Rajendra Banjara

•

Updated: 25 Oct 2026, 12:09 PM IST

alwar mandi red onion

आज मंडी में करीब 2 हजार कट्टे पहुंचे हैं (फोटो - पत्रिका)

अलवर में लाल प्याज की बिक्री शुरू होने के साथ ही मंडी प्रशासन ने खरीद व्यवस्था में बदलाव किया है। अब प्याज की खरीद दिन के बजाय रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक होगी। मंडी प्रशासन ने यह फैसला जाम की समस्या को देखते हुए लिया है, ताकि किसानों के वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित रह सके और मंडी के आसपास परेशानी नहीं हो।

नए नियम के अनुसार, सुबह 8 बजे के बाद प्याज लेकर पहुंचने वाले किसानों को अगले दिन तक इंतजार करना पड़ सकता है। ऐसे में दूरदराज के गांवों से आने वाले किसानों को मंडी के समय का ध्यान रखकर ही उपज लेकर निकलना होगा। तय समय के बाद पहुंचने पर उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए अगले दिन का इंतजार करना पड़ सकता है।

35 से 50 रुपए किलो तक मिले भाव

मंडी में प्याज की आवक शुरू हो गई है। शुरुआती दिनों में किसानों को 35 से 50 रुपए प्रति किलो तक भाव मिले। रविवार को करीब 2 हजार कट्टे मंडी पहुंचे। प्याज 1500 से 1875 रुपए प्रति मन के हिसाब से बिका। व्यापारियों के मुताबिक, एक नवंबर से मंडी में प्याज की बंपर आवक होने की उम्मीद है। आवक बढ़ने के साथ मंडी में वाहनों की संख्या भी बढ़ेगी। ऐसे में खरीद के नए समय और यातायात व्यवस्था का पालन करना जरूरी होगा। वहीं, खैरथल मंडी में प्याज की खरीद 26 अक्टूबर से शुरू होने की जानकारी दी गई है। इससे आसपास के किसानों को प्याज बेचने के लिए एक और विकल्प मिलेगा।

50 किलो से ज्यादा वजन के कट्टों पर रोक

इस बार मंडी में प्याज के कट्टों का अधिकतम वजन 50 किलो तय किया गया है। मंडी सचिव ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। श्रम विभाग के नियमों के अनुसार, मजदूरों से 50 किलो से अधिक वजन नहीं उठवाया जा सकता। इसलिए व्यापारियों को भी इस व्यवस्था का पालन करना होगा।

प्याज व्यापारी पप्पू भाई ने बताया कि व्यापारियों से किसानों को नकद भुगतान करने के लिए कहा गया है। मंडी प्रशासन की ओर से बिजली और पानी की व्यवस्था भी कराई जा रही है, ताकि किसानों और व्यापारियों को परेशानी नहीं हो।

रास्तों पर अतिक्रमण से बढ़ सकती है परेशानी

प्याज मंडी तक पहुंचने वाले रास्तों पर ठेले और सब्जी की दुकानों के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अतिक्रमण के चलते पहले भी विवाद और हंगामे की शिकायतें सामने आती रही हैं। फिलहाल आवक कम होने से स्थिति सामान्य है, लेकिन नवंबर में प्याज की आवक बढ़ने पर वाहनों का दबाव भी बढ़ेगा।

ऐसे में समय रहते रास्तों से अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो किसानों को मंडी तक उपज पहुंचाने में परेशानी हो सकती है। बंपर आवक से पहले यातायात व्यवस्था सुधारना मंडी प्रशासन के लिए अहम होगा।