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अलवर यूआईटी ही नहीं हटने दे रहा नंगली सर्किल से अतिक्रमण, पुलिस जाब्ता बुलाकर किया ऐसा खेल, जानकर रह जाएंगे हैरान

नंगली सर्किल पर हो रहे अतिक्रमण को नहीं रोक रहा अलवर यूआईटी। पुलिस जाब्ता बुलाकर रच दिया खेल।
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Jun 15, 2018
Alwar UIT allowing encroachment in alwar
अलवर यूआईटी ही नहीं हटने दे रहा नंगली सर्किल से अतिक्रमण, पुलिस जाब्ता बुलाकर किया ऐसा खेल, जानकर रह जाएंगे हैरान

शहर के नंगली सर्किल से अतिक्रमण हटाने की पूरी तैयारी के बावजूद यूआईटी प्रशासन से कुछ लोगों ने मिलकर नया खेल रच दिया है। तभी तो प्रशासन बैकफुट पर चला गया है। यूआईटी के प्रति जनता में फिर वही संदेश गया कि यहां रसूखदारो को कोई कुछ नहीं कर सकता। सब मिलीभगत हो जाती है। तभी तो अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस जाब्ता मांगने के बावजूद वापस मना कर दिया गया।

यूआईटी अधिकारी नंगली सर्किल से अतिक्रमण हटाने में बार-बार बहाना बना रहे हैं। पहले नोटिस के जवाब आने के इन्तजार में 15 दिन निकाल दिए। जबाब आने के बाद भी अतिक्रमियों को कोर्ट से स्टे लाने का पूरा मौका दिया। लेकिन न्यायालय ने कोई स्थगन नहीं दिया। एक तरह से यूआईटी की ओर से अतिक्रमण हटाए जाने की कार्रवाई पर कोई अड़ंगा नहीं लगाया।

फिर उसी दिन यूआईटी ने अतिक्रमियों को 24 घण्टे में अतिक्रमण हटाने का नोटिस थमा डरा दिया। नोटिस की अवधि भी पूरी हो गई। इससे पहले ही पुलिस से जाब्ता मांग लिया। 14 जून को अतिक्रमण हटाने के लिए जाब्ता मंजूर भी हो गया। लेकिन एक दिन पहले ही यूआईटी के अधिकारियों ने पुलिस को जाब्ता के लिए आगामी सूचना तक मना कर दिया।

अतिक्रमण चिह्नित भी हो गया

आप यह भी देखिए अतिक्रमण चिह्नित भी हो गया। नोटिस में भी अतिक्रमियों को स्पष्ट लिख दिया कि इतना अतिक्रमण किया हुआ है। जिसे हटाया जाएगा। जयपुर से टीम बुलाकर टोटल सर्वे भी कराया। इतना सब कुछ होने के बावजूद आखिरी समय में यूआईटी प्रशासन कार्रवाई से पीछे हट रहा है। अधिकारी यह जवाब देने को तैयार नहीं हैं कि किस कारण से कार्रवाई को रोका जा रहा है। एक-दूसरे पर टाल कर इसे मामले को भीतर ही भीतर दबाने में लगे हुए हैं। एेसा पहली बार है कि इतना सबकुछ होने के बावजूद जनता की सहूलियत के लिए अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा है।

दूसरी जगहों पर कैसे हटेगा

अब कहीं दूसरी जगहों से भी अतिक्रमण नहीं हटेगा। वहां भी जनता यही सवाल करेगी कि नंगली सर्किल के चारों तरफ का अतिक्रमण किस कारण नहीं हटाया गया। इसका जवाब मांगेगी। जोन जिम्मेदार जनप्रतिनिधि दे पाएंगे न यूआईटी के अधिकारी। एक तरह से यूआईटी की साख पर बड़ा सवालिया निशान लग रहा है।

पुलिस से जानिए असलियत

सवाल- क्या यूआईटी ने पुलिस जाब्ता मांगा था?
कोतवाल- हां, मांगा था। सुबह उनका फोन आया था।
सवाल- क्या आपने जाब्ता भेजा?
कोतवाल- नहीं। शाम को यूआईटी के अतिक्रमण निरोधक अधिकारी का फोन आया। उन्होंने जाब्ता भेजने की मना कर आगे जरूरत पडऩे पर जाब्ता लेने की कहा।
सवाल- क्या यूआईटी ने जाब्ते के लिए लिखित में चि_ी भेजी थी?
कोतवाल- नहीं। हमें उनका कोई लिखित पत्र नहीं मिला। उच्च अधिकारियों से बात हुई होगी। उच्च अधिकारियों ने हमें जाब्ता भेजने को कहा था।

आप इस मामले में अतिक्रमण निरोधक अधिकारी से बात करें। वहीं जानकारी देंगे। पुलिस जाब्त मांगने के बारे में भी वहीं बताएंगे। यह कहकर फोन काट दिया।
कान्हाराम, सचिव, यूआईटी अलवर

Published on:
15 Jun 2018 12:45 pm