
अलवर जिले में हाल ही हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। तापमान में गिरावट के साथ अब सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को भी जिले में बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है। इसके बाद आसमान साफ होने पर उत्तरी हवाओं का असर बढ़ सकता है, जिससे रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है।
नवंबर की शुरुआत के साथ ही सर्दी (Winter) का असर और बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में लोगों को सुबह और रात के समय ठंड का ज्यादा अहसास हो सकता है। मौसम में इस बदलाव का असर खेती पर भी दिखाई देगा। जहां ठंड और मिट्टी में बढ़ी नमी रबी फसलों (Rabi Crops) के लिए फायदेमंद हो सकती है, वहीं ओलावृष्टि से कुछ किसानों की चिंता बढ़ गई है।
तापमान में गिरावट और बारिश से मिट्टी में बढ़ी नमी गेहूं (Wheat) और सरसों (Mustard) जैसी रबी फसलों के लिए अनुकूल मानी जा रही है। खेतों में नमी रहने से किसानों को बुवाई करने और बीजों के अंकुरण (Germination) में मदद मिल सकती है। रबी फसलों की अच्छी शुरुआत के लिए मिट्टी में पर्याप्त नमी और अनुकूल तापमान अहम होते हैं।
बारिश के बाद बदले मौसम से किसानों को खेती की तैयारियों में फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, फसलों को वास्तविक लाभ कितना मिलेगा, यह आगे के मौसम और खेतों की स्थिति पर निर्भर करेगा। किसानों के लिए जरूरी है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए बुवाई और दूसरी कृषि गतिविधियों की योजना बनाएं।
एक तरफ जहां बारिश और ठंड रबी फसलों के लिए राहत लेकर आई है, वहीं दूसरी ओर तिजारा क्षेत्र के सिरोली कलां गांव में ओलावृष्टि (Hailstorm) से प्याज की फसल (Onion Crop) को नुकसान पहुंचा है। ओले गिरने से प्याज की फालर टूट गई, जिससे किसान चिंतित हैं।
किसानों के लिए प्याज की फसल को हुआ नुकसान चिंता का विषय बन गया है। बारिश और ओलावृष्टि का असर अलग-अलग फसलों पर अलग तरह से पड़ रहा है। ऐसे में मौसम में होने वाले बदलाव पर किसानों की नजर बनी हुई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, रविवार को बादल और बारिश की संभावना के बाद मौसम साफ हो सकता है। उत्तरी हवाएं चलने से रात के तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है। नवंबर की शुरुआत में ठंड बढ़ने से खेती और आम जनजीवन, दोनों पर असर पड़ सकता है। किसानों के लिए आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से अहम रहेंगे।