
अलवर जिले में मंगलवार को जिले के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की गई। दिन भर आसमान में घने बादलों का डेरा जमा रहा, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है। राजगढ़ और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ रुक-रुक कर बारिश का दौर चलता रहा। सकट क्षेत्र में बीती रात हुई जोरदार बारिश के बाद मंगलवार सुबह से ही हल्की रिमझिम फुहारें गिरती रहीं, जिससे मौसम काफी ठंडा और खुशनुमा हो गया।
इसके अलावा, हरसौली कस्बे और आसपास के गांवों में सुबह से ही बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी हुई। वहीं बहरोड तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। हालांकि, किशनगढ़ बास कस्बे में मानसून की पहली ही तेज बारिश ने स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका के सफाई दावों की पोल खोलकर रख दी। महज 1 घंटे की बारिश में गंज रोड और जगदंबा कॉम्प्लेक्स सहित मुख्य बाजारों में दो-दो फीट तक पानी भर गया। सालाना करीब 2 करोड़ रुपए खर्च होने के बावजूद नालों की सही सफाई न होने से व्यापारियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले तीन से चार दिनों तक अलवर और आसपास के इलाकों में मानसूनी गतिविधियां इसी तरह सक्रिय रहेंगी। बंगाल की खाड़ी में बने नए वेदर सिस्टम के असर से जिले में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कई हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश की संभावना है। लगातार हो रही इस बारिश से एक तरफ जहां उमस से राहत मिली है, वहीं फसलों को भी नया जीवन मिला है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश खरीफ की फसलों, विशेषकर बाजरा और तिलहन के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी।
आने वाले दिनों को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि तेज बारिश और बिजली चमकने के दौरान खुले में जाने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। बारिश के चलते जिले के जलस्त्रों में भी पानी की आवक शुरू हो गई है। कुल मिलाकर, आने वाले दिनों में अलवर वासियों को सुहावने मौसम का आनंद मिलता रहेगा और बारिश का यह दौर अभी रुकने वाला नहीं है।