
Alwar Weather Update: अलवर शहर समेत जिले के कई ग्रामीण इलाकों में शुक्रवार का दिन मौसम के लिहाज से बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। सुबह से ही आसमान में हल्की धूप और बादलों की आवाजाही बनी हुई थी, लेकिन दोपहर बाद करीब तीन बजे अचानक बादलों का घना घेरा छा गया। देखते ही देखते आसमान में अंधेरा छाने लगा और तेज रफ्तार आंधी (dust storm) शुरू हो गई। धूल भरी हवाओं के कारण सड़कों पर चलने वाले दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
आंधी के कुछ ही देर बाद बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली चमकने (thunder and lightning) के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। शहर कई जगहों पर बाजारों में और चौराहों पर पानी भर गया। लगभग आधे घंटे से अधिक समय तक रुक-रुक कर हुई बारिश ने मौसम को ठंडा कर दिया। बारिश थमने के बाद चली ठंडी उत्तरी हवाओं ने तापमान में तेजी से गिरावट ला दी, जिससे इलाके में सर्दी (early winter) की शुरुआत का अहसास होने लगा है।
यह बारिश क्षेत्र के अन्नदाताओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है। इस समय में रबी फसलों के लिए यह बारिश अच्छी होती है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक इस बारिश से खेतों में नमी (soil moisture) बढ़ेगी, जिससे सरसों (mustard) और चने की फसल में फायदा होगा। इसके अलावा गेहूं की आगामी फसल की तैयारी कर रहे किसानों को भी अब पलेवा (खेत की सिंचाई) के लिए अतिरिक्त पानी नहीं देना पड़ेगा। किसान इस वर्षा को रबी सीजन के लिए प्राकृतिक संजीवनी मान रहे हैं।
मौसम विभाग (IMD / Meteorological Department) के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय हुए एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के चलते यह मौसमी बदलाव देखा गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आने वाले दिनों के लिए पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया है कि अलवर सहित जयपुर, भरतपुर और शेखावाटी संभाग में अगले 24 से 48 घंटों तक आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी या हल्की बारिश (light rainfall) की संभावना भी बनी रहेगी। विभाग का कहना है कि विक्षोभ का असर खत्म होने के बाद राजस्थान के अधिकतर हिस्सों में रात का पारा 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और गिरेगा, जिससे पूरे प्रदेश में ठंड का असर और ज्यादा तेज हो जाएगा।