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Alwar: अलवर जिला प्रमुख चुनाव; 35 साल बाद बदलेगा सियासी गणित, राठ का दबदबा खत्म

अलवर जिला परिषद की सियासत में इस बार बड़ा उलटफेर तय है। बीते साढ़े तीन दशक में जिस राठ क्षेत्र का जिला प्रमुख की कुर्सी पर राज रहा, वह नए जिले बनने के बाद अब अलवर से बाहर हो चुका है। ऐसे में इस बार जिला प्रमुख अलवर का ही बनेगा।
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Sep 30, 2026
alwar zila pramukh chunav
अलवर नगर निगम (फोटो - पत्रिका)

अलवर जिला परिषद के आगामी बोर्ड का गठन इस बार बदले हुए जिले के भूगोल के बीच होगा। 36 साल (वर्ष 1990 से अब तक) में छह जिला प्रमुख उन क्षेत्रों से बने, जो अब खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ जिलों में चले गए हैं, जबकि नए अलवर जिले से केवल एक जिला प्रमुख बनीं। अब नए परिसीमन और बदली प्रशासनिक सीमाओं के बीच जिला परिषद के आगामी बोर्ड में यह पुराना समीकरण पूरी तरह बदल गया है। ऐसे में जिला प्रमुख की कुर्सी पर इस बार अलवर का ही चेहरा नजर आएगा।

इस तरह राठ क्षेत्र का रहा दबदबा

  • वर्ष 1990 में किशनगढ़बास के दीपचंद खैरिया जिला प्रमुख बने। किशनगढ़बास अब खैरथल-तिजारा जिले में शामिल है। इसके बाद वर्ष 1995 में किशनगढ़बास के सिलपटा गांव निवासी डॉ. जसवंत यादव जिला प्रमुख बने। उनका क्षेत्र भी अब खैरथल-तिजारा जिले में है।
  • वर्ष 2000 में डॉ. जसवंत यादव की पत्नी डॉ. किरण यादव जिला प्रमुख बनीं। इस तरह लगातार तीसरी बार जिला प्रमुख का पद उसी क्षेत्र के पास रहा, जो वर्तमान में खैरथल-तिजारा जिले का हिस्सा है।
  • वर्ष 2005 में कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र की बारी आई। नीमराणा के काठूवास गांव निवासी टीकाराम जूली जिला प्रमुख बने। नीमराणा क्षेत्र अब कोटपूतली-बहरोड़ जिले में शामिल है।
  • वर्ष 2010 में रामगढ़ क्षेत्र की सफिया खान जिला प्रमुख बनीं। रामगढ़ वर्तमान नए अलवर जिले का हिस्सा है और 36 वर्षों के इतिहास में यही एक जिला प्रमुख हैं, जो मौजूदा अलवर जिले के क्षेत्र से बनीं।
  • वर्ष 2015 में फिर जिला प्रमुख का पद खैरथल-तिजारा क्षेत्र में गया। तिजारा पंचायत समिति के कमालपुर गांव निवासी रेखा यादव जिला प्रमुख बनीं।
  • वर्ष 2021 में नीमराएणा क्षेत्र के निवासी और कोटकासिम से जिला पार्षद चुने गए बलबीर सिंह छिल्लर जिला प्रमुख बने। कोटकासिम भी अब खैरथल-तिजारा जिले का हिस्सा है।

अब बदलेगा पूरा समीकरण

इस तरह वर्ष 1990 से 2021 तक के छह कार्यकाल में राठ क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाले इलाके खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ से छह जिला प्रमुख बने, जबकि मौजूदा अलवर जिले की सीमा से केवल सफिया खान जिला प्रमुख बनीं। अब दोनों क्षेत्र अलग जिले बन चुके हैं। ऐसे में आगामी जिला परिषद बोर्ड का गठन नए अलवर जिले की सीमाओं के अनुसार होगा। पहले जिन क्षेत्रों का जिला प्रमुख के चुनाव में महत्वपूर्ण प्रभाव रहता था, वे अब अलवर जिला परिषद का हिस्सा नहीं हैं। ऐसे में आगामी जिला परिषद में जिला प्रमुख के चुनाव के राजनीतिक समीकरण पुराने दौर से काफी अलग होंगे।

Updated on:
30 Sept 2026 11:40 am
Published on:
30 Sept 2026 11:39 am