
अलवर. जिला परिषद मेें जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा एवं अधिकारियों की तानाशाही से नाराज जिला प्रमुख रेखा राजू यादव हाथ में गीता लेकर मंगलवार को परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गईं। जिला प्रमुख के धरने की भनक लगते ही परिषद के सीईओ व एसीईओ अपने-अपने कार्यालयों पर ताला जड़ निकल लिए। इससे परिषद में दिनभर कोई कामकाज नहीं हो सका। काम के सिलसिले में दूरदराज से जो लोग जिला परिषद पहुंचे, उन्हें अधिकारियों के नहीं मिलने पर बैरंग लौटना पड़ा।
सीईओ व एसीईओ की कार्यशैली से नाराज जिला प्रमुख ने पिछले दिनों सीईओ के कार्यालय में धरने की घोषणा की थी। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे जिला प्रमुख जिला परिषद पहुंची और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के कक्ष ताला मिलने पर कक्ष के बाहर हाथ में गीता लेकर धरने पर बैठ गईं।
जिला प्रमुख का कहना था कि सीईओ व एसीईओ की कार्यशैली से पंचायत राज के जनप्रतिनिधियों का जिला परिषद से विश्वास उठता जा रहा है। अधिकारियों की तानशाही से परेशान जनप्रतिनिधि न बैठकों में आते हैं और न पंचायत राज के कार्यों में अपनी सहभागिता निभाते हैं। इससे गांवों में विकास के कार्य अटके पड़े हैं। प्रदेश स्तर पर अलवर जिला पिछड़ रहा है।
अभी गीता, न्याय नहीं तो महाभारत
जिला प्रमुख ने कहा कि वे अभी जिला परिषद में धरने पर बैठकर गीता पढ़ रही हैं। इतने पर भी न्याय नहीं मिला तो महाभारत होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि परिषद अधिकारी पंचायत राज अधिनियम को ताक पर रखकरकार्यों को मार्गदर्शन के नाम पर अटकाने की नीति पर काम कर रहे हैं। जीपीडीपी कार्ययोजना का अनुमोदन अटका पड़ा है।
आश्वासन पर धरना समाप्त
जिला परिषद में सीईओ कार्यालय के बाहर चल रहा जिला प्रमुख का धरना रात करीब 8 बजे विभाग के प्रिंसीपल सेक्रेटी के आश्वासन पर समाप्त हो गया। जिला प्रमुख ने बताया कि प्रिंसीपल सेक्रेट्री राजेश्वर सिंह ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इस पर धरना समाप्त कर दिया गया।