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अलवर. गोविन्दगढ़ थाना पुलिस ने गोकशी कर गोमांस बेचने के दूसरे आरोपित दौमडाकी निवासी सत्तार पुत्र निजरशाद फकीर को रविवार रात करीब एक बजे उसके ससुराल से दबोच लिया। आरोपित पुलिस से बचने के लिए अपनी रिश्तेदारियों में छिपता फिर रहा था। उधर, पुलिस ने सोमवार को रिमाण्ड अवधि पूरी होने पर बड़बरा रोड अंबेडकर कॉलोनी निवासी मुख्य आरेापित सकील कसाई को फिर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि रविवार रात करीब एक बजे सूचना पर उसके ससुराल नगर भरतपुर के रायपुर से गिरफ्तार किया गया।
मोबाइल कर लिया स्विच ऑफ
सत्तार ने पुलिस को बताया कि गोकशी का खुलासा होने व उसकी तलाश की सूचना पर उसने मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया। इसके बाद वह रिश्तेदारी में चला गया। इस दौरान वह जुरहरा, नगर सहित कई जगह रहा। बाद में यहां से वह ससुराल रायपुर चला गया। उसने बताया कि 29 जुलाई को उसने व सकील ने जिस गाय को काटा, वह लावारिश थी।
गाय को जंगल में मारकर लाए थे गोमांस
पुलिस पूूछताछ में बताया कि व सत्तार निवासी दौमडाकी गाय को जंगल में मारकर गौमांस को गांवों में बेचने के लिए लाए थे। अकबरी ने पुलिस को बताया कि गाय के मांस की मांग काफी अधिक है और इसके अच्छे दाम मिल जाते हैं, इसलिए वे गोमांस बेचते थे।
पुलिस के डर से रास्ते में फेंका गोमांस
आरोपित ने पुलिस पूछताछ में बताया कि सोमवार सुबह वह घर से 20-25 किलो गोमांस लेकर बाइक पर बेचने निकला था। पुलिस कार्रवाई की भनक लगने पर उसने गोमांस रास्ते में फेंक दिया। पुलिस की गिरफ्त में आने से पहले उसने बाइक भी कहीं पटक दी। सकील ने रास्ते में गोमांस व बाइक कहां पटकी, पुलिस इसकी भी जांच कर रही है।