
कोटपूतली-बहरोड़ जिले में बानसूर और हरसौरा थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। दोनों थानों की संयुक्त टीम ने मिलकर चोरी के ट्रकों और ट्रेलरों को काटकर उनके पार्ट्स बेचने वाले एक अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से करीब 5 करोड़ रुपये का चोरी का माल जब्त किया है और गैंग के 6 सदस्यों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।
कोटपूतली-बहरोड़ के एसपी सतवीर सिंह ने हरसौरा थाने में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरी कार्रवाई की जानकारी दी। एसपी ने बताया कि बानसूर थाना प्रभारी राजेश मीणा को गुप्त सूचना मिली थी कि हरसौरा क्षेत्र के गुवाड़ा गांव में स्थित एक मकान में चोरी के ट्रेलरों को गैस कटर से काटकर उनके कलपुर्जे अलग किए जाते हैं।
सूचना मिलते ही कोटपूतली के एएसपी नाजिम अली और डीएसपी मनीषा मीणा की अगुवाई में बानसूर व हरसौरा पुलिस की स्पेशल टीम बनाई गई। इस टीम ने देर रात गुवाड़ा गांव के उस मकान पर अचानक दबिश दी। पुलिस को देखकर वहां हड़कंप मच गया। दबिश के दौरान पुलिस ने मौके से गैंग के 6 सदस्यों को दबोच लिया, हालांकि मकान मालिक विजय गुर्जर और गैंग का मुख्य सरगना आरिफ मेव अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भागने में कामयाब रहे।
पकड़े गए आरोपियों में रेवाड़ी का प्रशांत शर्मा उर्फ गोलू, मुंडावर क्षेत्र के विक्रम, प्रकाश चंद, सुनील कुमार, राहुल शर्मा और मोनू वर्मा शामिल हैं। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि यह गैंग राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के इलाकों से ट्रक और बड़े ट्रेलरों को चोरी करता था। इसके बाद इन्हें गुवाड़ा गांव के इस सुनसान मकान में लाया जाता था, जहां गैस कटर मशीनों से गाड़ियों को काटकर अलग-अलग पार्ट्स बनाए जाते थे और फिर कबाड़ियों को बेच दिए जाते थे।
पुलिस ने मौके से दो ट्रेलरों की चेसिस, एक पूरा ट्रेलर, एक हाइड्रो मशीन, पिकअप, बोलेरो, तीन बाइक, गैस कटर, एलपीजी व ऑक्सीजन सिलेंडर बरामद किए हैं। इसके अलावा बदमाशों के कब्जे से एक देशी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस भी मिले हैं। पुलिस को जांच में पता चला है कि सोडावास गांव में मनोज कबाड़ी के ठिकाने पर भी चोरी के पार्ट्स भेजे जाते थे।
इस पूरी कार्रवाई में कांस्टेबल चंद्रप्रकाश की मुख्य भूमिका रही, जबकि एएसआई ओमप्रकाश, अमर सिंह और हेड कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह की टीम ने भी अहम योगदान दिया। पुलिस अब फरार सरगना की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।