
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खैरथल-तिजारा जिले का नाम भर्तृहरिनगर करने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। वहीं इसका जिला मुख्यालय भिवाड़ी करने को सहमति दे दी है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी ललित के पंवार की अध्यक्षता में गठित राज्य प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन सलाहकार समिति की सिफारिश पर यह निर्णय किया गया है।
मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग से कहा है कि खैरथल-तिजारा जिले का नाम भर्तृहरिनगर करने की समिति की सिफारिश के आधार पर प्रस्ताव तैयार किए जाएं। राजस्व विभाग खैरथल-तिजारा का नाम भर्तृहरिनगर करने के प्रस्ताव को कैबिनेट की बैठक में रखेगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद प्रस्ताव विधानसभा में रखा जाएगा और वहां से मंजूरी के बाद केन्द्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा। गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद नाम बदला जा सकेगा।
राजस्व विभाग खैरथल-तिजारा का नाम भर्तृहरिनगर करने के प्रस्ताव को कैबिनेट की बैठक में रखेगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद प्रस्ताव विधानसभा में रखा जाएगा और वहां से मंजूरी के बाद केन्द्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा। गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद नाम बदला जा सकेगा।
बता दें, खैरथल-तिजारा जिला पहले अलवर जिले का हिस्सा था, अगस्त 2023 में एक स्वतंत्र जिला बनाया गया था। इस जिले में पांच उपखंड और सात तहसीलें शामिल हैं, जिनमें टपूकड़ा, तिजारा, किशनगढ़ बास, कोटकासिम और मुंडावर शामिल हैं। जिला मुख्यालय भिवाड़ी में ही रहेगा।
वहीं, भिवाड़ी एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है, जिसमें पहले से मौजूद पुलिस अधीक्षक कार्यालय यथावत रहेगा, जबकि खैरथल में एक और पुलिस अधीक्षक की नियुक्ति होगी। इसके अलावा जिला प्रशासन ने खैरथल में मिनी सचिवालय और बायोडायवर्सिटी पार्क जैसे विकास कार्यों की योजना बनाई है।