अलवर

Clerk Recruitment Scam: भरतपुर में 189 अभ्यर्थियों को बना दिया फर्जी लिपिक, 65 पन्नों की रिपोर्ट ने खोले राज

Bharatpur Clerk Recruitment Scam: एक तरफ नीट-यूजी पेपर लीक की घटना ने लाखों बच्चों का सपना चकनाचूर कर दिया, तो वहीं राजस्थान में चंद अधिकारियों और अभ्यर्थियों की मिलीभगत ने फर्जी नौकरियों का जाल बुन लिया।

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May 20, 2026
राजस्थान के भरतपुर में लिपिक भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा। फोटो: पत्रिका

अलवर। एक तरफ नीट-यूजी पेपर लीक की घटना ने लाखों बच्चों का सपना चकनाचूर कर दिया, तो वहीं राजस्थान में चंद अधिकारियों और अभ्यर्थियों की मिलीभगत ने फर्जी नौकरियों का जाल बुन लिया। यह सीएम के गृह जिले भरतपुर से जुड़ा मामला है। लिपिक भर्ती-2013 में भरतपुर जिला परिषद में करीब 189 ऐसे अभ्यर्थियों का चयन कर लिया गया, जो इस पद के योग्य ही नहीं थे।

यह खुलासा राज्य स्तरीय 13 सदस्यीय जांच टीम ने हाल ही में पंचायती राज विभाग के शासन सचिव को भेजी रिपोर्ट में किया है। जांच टीम ने कहा है कि पूरी भर्ती में व्यापक स्तर पर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है। ऐसे में एसओजी से जांच कराई जाए। 65 पन्नों की इस जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि भरतपुर जिला परिषद ने लिपिकों की भर्तियां करते समय नियमों की अनदेखी की। अधिकारियों ने भर्ती के दौरान निगरानी व दस्तावेजों की जांच में लापरवाही बरती, जिसके कारण यह संपूर्ण प्रक्रिया प्रभावित हुई।

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जांच टीम ने अनुभव अवधि के दौरान शैक्षणिक दस्तावेजों को फर्जी व संदिग्ध मानते हुए मुकदमा दर्ज करने की अभिशंसा की है। लिपिक भर्ती-2013 की जांच राज्य स्तरीय टीम जिलेवार कर रही है। जयपुर जिला परिषद व अलवर में भी कई लिपिक फर्जी मिले हैं। जिला परिषद अलवर ने दस्तावेज जांच दल को दिए हैं। बीकानेर में 49 लिपिक फर्जी मिले थे। उनकी सेवाएं वर्ष 2017 में समाप्त करनी थीं, लेकिन अब तक नहीं की गई। अब शासन सचिव ने जिला परिषद बीकानेर से कार्रवाई न होने पर जवाब मांगा है।

यह मिलीं गड़बड़ियां

-49 अभ्यर्थी दोहरा अनुभव लाभ लेने वाले ऐसे जिन्होंने एक ही समय अवधि वाले अनुभव प्रमाण पत्र आवेदन के साथ प्रस्तुत किए
-8 अभ्यर्थियों ने कहीं काम नहीं किया, लेकिन अनुभव प्रमाण पत्र लगाया
-2 अभ्यर्थियों के अनुभव प्रमाण पत्र संदिग्ध
-1 अभ्यर्थी के शैक्षणिक दस्तावेजों का डेटा विभाग की साइट पर ही नहीं मिला
-4 ऐसे अभ्यर्थी जिनकी 12वीं की मार्कशीट संदिग्ध
-21 अन्य अभ्यर्थियों की कंप्यूटर योग्यता अमान्य
-50 अभ्यर्थियों की अनुभव अ​वधि ओवरलैप
-17 अभ्यर्थी मेरिट से बाहर होने के बाद भी नौकरी पर पाए गए
-21 अन्य अभ्यर्थियों के कटऑफ से भी कम अंक
-16 अभ्यर्थी बिना कटऑफ के भी नौकरी पा गए

सरकार के निर्देश पर कार्रवाई करेंगे

लिपिक भर्ती की जांच रिपोर्ट मेरे पास अभी नहीं आई है। सरकार के आदेश मिलेंगे, तो एक्शन लिया जाएगा।
मृदुल सिंह, सीईओ, जिला परिषद भरतपुर

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