
अलवर।
प्रदेश में में चल रहे भयंकर तूफान और आपदा के चलते बीजेपी के मंत्री गजेन्द्र खींवसर ने बयान दिया। प्रभारी मंत्री गजेन्द्र खींवसर ने कहा कि दो अप्रेल को अलवर में आया तूफान प्राकृतिक आपदा थी। इसकी तीव्रता अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग थी।
अलवर में इस प्राकृतिक आपदा से निपटने में अकेले विद्युत निगम के जूझते रहने एवं अन्य विभागों के सहयोग नहीं करने की बात पर उन्होंने कहा कि एेसी शिकायत उन्हें नहीं मिली। कार्यकर्ता, प्रशासन और ग्रामीणों ने भी कुछ नहीं बताया। उन्होंने माना कि प्राकृतिक आपदा से निपटने में सभी विभागों का सहयोग लाजिमी था। यदि अलवर शहर में एेसा नहीं हुआ तो इसकी जांच कराई जाएगी।
उन्होंने प्राकृतिक आपदा से निपटने में नीमराणा एसडीएम के प्रयासों को सराहनीय बताते हुए कहा कि नीमराणा में हुए हाई स्टैण्डर्ड कार्य के आगे अलवर में हुआ कार्य कुछ लोगों को फीका लगा। इसके कारण यह बात सामने आ रही है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि अलवर में अब स्थिति सामान्य है। ग्रामीण क्षेत्र में अवश्य कृषि कनेक्शनों की बिजली चालू नहीं हुई है। इसका कारण पोल की कमी है। जोधपुर व अजमेर डिस्कॉम से पोल मंगाए जा रहे हैं। उसके बाद सभी जगह बिजली की स्थिति सामान्य हो जाएगी। प्रभारी मंत्री अलवर में तूफान के बाद राहत कार्यों की जगह जिला कलक्टर का विदाई समारोह मनाए जाने के सवाल को टाल गए। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं मालूम क्या हुआ था।
टैंकरों से पानी भिजवाने के निर्देश
जिले के प्रभारी एवं वन मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर की अध्यक्षता में सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में आंधी तूफ़ान के बाद की स्थिति की समीक्षा कर पेयजल व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने बताया कि जिले के 6 मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता के चेक दिए जा चुके है तथा शेष मृतक व्यक्ति जो अन्य जिलों या अन्य प्रदेशों के निवासी है, उन्हें भी आर्थिक सहायता दिए जाने की कार्रवाई की जा रही हैं। घायलों को भी नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता को आबादी क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति के साथ प्रभावित कृषि कनेक्शनों व जलदाय विभाग को पेयजल की सप्लाई शीघ्र सुचारू कराने व टैंकरों से पेयजल सप्लाई देने के निर्देश दिए।