
Rajasthan : कठूमर (अलवर). दिल्ली में शनिवार, 10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संगठन सह प्रभारी दीपक बालियान को उसके घर से ले जाने का मामला गरमा गया है। दीपक अलवर जिले के कठूमर क्षेत्र के मनखेड़ा गांव के रहने वाले हैं। दीपक का आरोप है कि गुरुवार देर रात कुछ पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और उन्हें गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में ले गए। दीपक ने पुलिस पर प्रदर्शन में शामिल नहीं होने का दबाव बनाने, हाथापाई करने और मोबाइल अपने पास रखने का आरोप लगाया है।
वहीं, कठूमर थाना प्रभारी चंद्रशेखर शर्मा ने मारपीट और मोबाइल छीनने के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि दिल्ली में धारा 163 लागू होने के कारण दीपक को समझाइश के लिए साथ ले जाया गया था। समझाइश के बाद रात करीब दो बजे उन्हें वापस उनके घर छोड़ दिया गया।
अलवर के कठूमर थाने के एएसआइ उमरुद्दीन ने कहा कि दीपक के पिता ने पुलिसकर्मियों को चाय पीने के लिए बोला, तो दीपक गुस्सा हो गया। दीपक से सिर्फ समझाइश की गई। न तो दीपक को हिरासत में लिया गया और न ही किसी प्रकार की मारपीट की गई।
इधर, इस घटनाक्रम के बाद पार्टी के सह प्रभारी आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि पुलिस दीपक को जबरन पुलिस थाने ले गई और शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया। दीपक के पैर में फ्रेक्चर है। इसके बाद भी उसे घसीटा गया। जब दीपक के छोटे भाई ने पुलिस कार्रवाई का वीडियो बनाना शुरू किया, तो पुलिसकर्मियों ने उसके साथ भी मारपीट की।
पुलिस मुझे गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में ले गई, जहां दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल नहीं होने के लिए दबाव बनाया। मेरे साथ हाथापाई की और मोबाइल भी अपने पास रख लिया। मैंने पुलिसकर्मियों से कहा कि यदि मुझे लेकर किसी प्रकार की आशंका है, तो मेरे घर के बाहर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए जाएं। मैं कहीं नहीं जाऊंगा। इसके बावजूद पुलिस मुझे अपने साथ ले गई और मेडिकल कराने के बाद रात करीब दो बजे मुझे मेरे घर पर छोड़ दिया।
दीपक बालियान, संगठन सह प्रभारी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी)
शुक्रवार को दीपक के घर के बाहर दिनभर पुलिसकर्मी तैनात रहे। दीपक के अनुसार, उनके घर आने-जाने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही थी। इस घटनाक्रम को लेकर उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।