
अलवर। रूस में एमबीबीएस के छात्र अजीत चौधरी का शव मिलने के 7 दिन बाद भी पोस्टमार्टम नहीं हुआ। शव को भारत लाने में हो रही देरी के विरोध में निजी स्कूल सहित लक्ष्मणगढ़ कस्बा आज बंद है। इससे पहले बुधवार को क्षेत्रवासियों ने बड़ी संख्या में कस्बे के भगत सिंह चौराहे पर सांकेतिक धरना देकर विरोध-प्रदर्शन किया था।
राजेन्द्र चौधरी, नटवर चौधरी, महेन्द्र सिंह एलके, नरेन्द्र चौधरी आदि ने बताया कि छात्र अजीत चौधरी का शव भारत लाने में दिनों दिन देरी हो रही है। इसके विरोध में क्षेत्रवासियों, परिजन, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी व जनप्रतिनिधियों ने कस्बे के भगत सिंह चौराहे पर सांकेतिक धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही गुरुवार को लक्ष्मणगढ़ कस्बा बंद रखने का निर्णय लिया। सुबह से ही लक्ष्मणगढ़ कस्बा पूर्णत: बंद है। दुकानदारों ने भी बंद को समर्थन दिया है। ऐसे में दुकानें पूरी तरह बंद है।
वक्ताओं ने केंद्र व राज्य सरकार पर छात्र के शव को भारत लाने में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा अगर छात्र किसी नेता या उद्योगपति का बेटा या रिश्तेदार होता तो अब तक शव भारत आ जाता। चाचा राजेन्द्र ने आरोप लगाया कि कई बार केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मिल चुके, लेकिन सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है।
मृतक के चाचा भोमसिंह ने कहा कि रूस स्थित भारतीय दूतावास से कोई मदद नहीं मिल रही। बार-बार कॉल करने पर कभी कभार ही जवाब मिलता है। मेल करते हैं तो उसका जवाब दिया जा रहा है। राजेन्द्र ने कहा कि हमने बिना पोस्टमार्टम के ही शव भेजने के लिए आवेदन कर दिया, लेकिन सात दिन बाद भी अभी तक पोस्टमार्टम तक नहीं हुआ। कुछ वक्ताओं ने जनप्रतिनिधियों पर भी मामले में ध्यान नहीं देने का आरोप लगाया। बाद में लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर जुलूस के रूप में एसडीएम कार्यालय पहुंच एसडीएम अर्चना चौधरी को ज्ञापन सौंपा।