अलवर

Sariska Tiger Reserve Charges: सरिस्का टाइगर रिजर्व घूमना हुआ महंगा, 1 अप्रेल से नए शुल्क लागू

Changes From 1 April: वन विभाग ने पार्क में प्रवेश और सफारी से जुड़े शुल्कों में बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें बुधवार से लागू कर दी गई हैं और ये 31 मार्च 2028 तक लागू रहेंगी।

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Apr 01, 2026
Sariska Tiger Reserve
फोटो: पत्रिका

Sariska Safari New Charges: अलवर जिले के प्रसिद्ध सरिस्का टाइगर रिजर्व में घूमने जाने वाले पर्यटकों को अब पहले की तुलना में ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा। वन विभाग ने पार्क में प्रवेश और सफारी से जुड़े शुल्कों में बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें बुधवार से लागू कर दी गई हैं और ये 31 मार्च 2028 तक लागू रहेंगी। बुधवार को पार्क बंद रहने के कारण इनका असर गुरुवार से शुरू होने वाली सफारी पर दिखाई देगा।

दो साल में एक बार बढ़ती हैं दरें

वन विभाग के नियमों के अनुसार सरिस्का में हर 2 साल बाद प्रवेश शुल्क और इको डवलपमेंट शुल्क में करीब 10% तक वृद्धि की जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत इस बार भी दरों में संशोधन किया है। विभाग का कहना है कि पार्क के संरक्षण, पर्यावरण प्रबंधन और पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए यह कदम उठाया है।

पर्यटकों और छात्रों पर पड़ेगा असर

नई दरें लागू होने के बाद भारतीय और विदेशी पर्यटकों को पहले से अधिक शुल्क देना होगा। छात्रों के लिए भी शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। हालांकि वन विभाग की ओर से मान्यता प्राप्त शैक्षणिक भ्रमण पर आने वाले विद्यार्थियों को पहले की तरह ही छूट मिलती रहेगी। इससे शैक्षणिक संस्थानों के स्टडी टूर पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।

ये रहेंगी नई रेट

एंट्री/इको चार्ज - 165
विदेशी पर्यटक एंट्री/इको चार्ज - 1010
भारतीय छात्र/इको चार्ज - 65
पांडूपोल (जिप्सी/कार) - 455
पांडूपोल (बस) - 730
पांडूपोल (मोटरसाइकिल) - 80

पांडूपोल जाने वाले श्रद्धालुओं पर भी असर

सरिस्का क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध पांडूपोल हनुमान मंदिर में दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को भी अब ज्यादा शुल्क देना पड़ेगा। मंदिर तक जाने के लिए जिप्सी, कार, बस और मोटरसाइकिल के प्रवेश शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। इसके कारण धार्मिक यात्रा पर आने वाले लोगों की जेब पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

सफारी के लिए ये है नई रेट

भारतीय (जिप्सी) - 1290
भारतीय (कैंटर) - 876
विदेशी (जिप्सी) - 2179
विदेशी (कैंटर) - 1765

स्थानीय वाहनों को राहत

वन विभाग ने स्थानीय लोगों को राहत देते हुए अलवर और भिवाड़ी नंबर की गाड़ियों को तय दिनों पर मिलने वाली छूट को जारी रखा है। इससे आसपास के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को कुछ राहत मिलेगी।

पर्यटन पर पड़ सकता है असर

सरिस्का टाइगर रिजर्व राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है, जहां हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में शुल्क बढ़ने से पर्यटकों के खर्च में बढ़ोतरी तो होगी, लेकिन विभाग को उम्मीद है कि इससे पार्क के संरक्षण और सुविधाओं को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

Updated on:
01 Apr 2026 09:23 am
Published on:
01 Apr 2026 09:21 am