
धारूहेड़ा अनाज मंडी में बाजरे की आवक जारी है, लेकिन सरकारी समर्थन मूल्य पर बाजरे की खरीद न होने से किसानों को निजी आढ़तियों को ही बाजरा बिक्री करना पड़ रहा है। ऐसे में किसानों को 500 से 600 रुपए प्रति कुंतल का घाटा भुगतना पड़ रहा है। अब सरकारी मंड़ी और किसान दोनों ही सरकार के ऐलान का इंतजार कर रहे हैं कि, कब एमएसपी पर बाजरे की खरीद का आदेश जारी हो। उसके बाद किसानों को बाजरा निजी आढ़तियों को कम कीमत पर न बेचना पड़े। जिससे उसका घटा न हो। गौरतलब है कि मंडी में फिलहाल 1960 रुपए से लेकर 2050 रुपए प्रति कुंतल तक बाजरा खरीदा जा रहा है। इस बार सरकार ने 2500 रुपए प्रति कुंतल बाजरे का समर्थन मूल्य रखा है।
किसानों को झेलना पड़ रहा है नुकसान
MSP पर खरीद शुरू नहीं होने के चलते किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। मंडी में सितंबर माह में ही 46 हजार कुंतल से ज्यादा बाजरा खरीद किया जा चुका है। अब दो दिन से मौसम को देखते हुए बाजरे की आवक कम रही। मौसम के खुलने पर बाजरे की आवक में तेजी की संभावना है।
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अभी सरकारी खरीद के निर्देश नहीं मिले - सचिव नरेंद्र सिंह
इधर, मार्केट कमेटी रेवाड़ी के सचिव नरेंद्र सिंह का कहना है कि अभी सरकारी खरीद को लेकर निर्देश नहीं मिले हैं। किसान मौसम साफ हो तो बाजरा लेकर आएं और गेट पास भी कटवाएं। बिना गेट पास के एंट्री नहीं करें।
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