https://www.patrika.com/alwar-news/
डीग में व्यापारी की दुकान पर फायरिंग व उससे 20 लाख रुपए की रंगदारी मांगने के मामले में सामने आया है कि अलवर की जेल में बंद बदमाश ही गैंग चला रहा था। पुलिस ने हरियाणा से उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है।
जेल में बंद बदमाश भी कुम्हेर क्षेत्र का निवासी है और वह उक्त व्यापारी को भी जानता था। जानकारी के अनुसार डीग कस्बे में 12 अगस्त को रात्रि के आठ बजे बंद सर्राफा की दुकान पर की गई फायरिंग करने एवं 20 लाख रुपए की रंगदारी मांगने के मामले में एसपी केसर सिंह शेखावत की ओर से एएसपी डीग महेश मीणा के नेतृत्व में एक टीम गठित की। सूचनाओं को एकत्रित कर आस-पास के क्षेत्रों मथुरा व हरियाणा के अपराधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की गई। इसके आधार पर भूषण पुत्र विजय ब्राह्यण 22 साल निवासी जाब हाल नंदगांव रोड कोसीकलां जिला मथुरा उत्तरप्रदेश को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधी से जब पूछताछ की गई तो इसने छह के नाम बताए हैं। इनमें रब्बो उर्फ रविन्द्र पुत्र गंगाराम जाट निवासी गिड़ोह थाना कोसीकलां जिला मथुरा, गौरव पुत्र करन जाट निवासी हताना थाना कोसीकलां जिला मथुरा, साका कुम्हार निवासी होडल जिला पलवल हरियाणा, योगेश उर्फ योगेन्द्र उर्फ जोगेन्द्र पुत्र हरिसिंह जाट निवासी लालपुर थाना कोसीकलां जिला मथुरा, गौरव पुत्र झम्मन जाट निवासी लालपुर थाना कोसीकलां जिला मथुरा एवं हत्या व डकैती के मामले में अलवर जेल में बंद योगी उर्फ योगेन्द्र पुत्र रामजीलाल जाट निवासी रीठौठी थाना कुम्हेर जिला भरतपुर को नामजद किया है।
बदमाश के व्यापारी की सुपारी लेने की आशंका
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फायरिंग की घटना के अगले दिन 13 अगस्त को डीग टाउन चौकी पर तैनात आरक्षी रामवीर सिंह को सेऊ के जंगल में एक काले रंग की बाइक खड़ी होने की सूचना मिली। इस पर रामवीर ने अपने उच्चाधिकारियों को सूचित किया। सूचना के आधार पर लावारिस खड़ी बाइक को पुलिस ने जब्त किया। बाइक के आधार पर ही इस घटना के तार जुड़ते चले गए। जो संभवतया इस घटना में काम में ली गई थी। उसी दिन डीग के व्यापारियों ने बाजार बंद रखकर धरना दिया था।
इस बीच में व्यापारी संतोष सोनी जिसकी दुकान पर फायरिंग की गई थी, उसके पास अलवर जेल से फोन आया और 20 लाख रुपए की मांग की। इस घटना से ऐसा लगता है कि उक्त व्यापारी को मारने के लिए अलवर जेल में बंद अपराधी को किसी व्यक्ति ने सुपारी दी है वो व्यक्ति हो सकता है डीग कस्बे का ही हो। यह तो पुलिस तफ्तीश में ही खुलासा हो सकेगा। लेकिन पुलिस की जांच में यह खुलासा हो चुका है कि अलवर जेल में बंद बदमाश ही इस पूरी गैंग का संचालन कर रहा था।
जेल से उसने कॉल किया था। टीम में सीओ डीग अनिल मीणा, डीग एसएचओ सत्यप्रकाश विश्नोई, डीग टाउन चौकी प्रभारी एएसआई बृजेन्द्र सिंह, आरक्षी अजब सिंह, लाखन सिंह, रामवीर सिंह, जीतेन्द्र, रामवीर सिंह, कॉल डिटेल एक्सपर्ट पवन कुमार, साइबर एक्सपर्ट प्रधान आरक्षी रामवीर सिंह एवं सीआईयू टीम प्रभारी एएसआई बलदेव शामिल रहे।