
रकबर की मौत को लेकर पुलिस के इस बड़े अधिकारी ने दे दिया ऐसा बयान, सुनकर सभी रह गए दंग
जयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक वीके सिंह ने शुक्रवार को अलवर में कहा कि रामगढ़ के ललावंडी में रकबर की हत्या हुई थी मॉब लिंचिंग नहीं। वे इस घटना को मॉब लिंचिंग का नाम नहीं देते। सिंह जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि रेंज आईजी बनने के बाद सिंह पहली बार जिले के दौरे पर आए थे।
आईजी सिंह ने कहा कि जिले में गोकशी की घटनाओं को रोकने के लिए जल्द ही विशेष प्रयास किए जाएंगे। जिला पुलिस की ओर से गोतस्करों तथा गोरक्षा की आड़ में हत्या जैसी वारदातों को अंजाम देने वाले आपराधिक लोगों का डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। जिससे कि जिले में गोकशी और पीट-पीटकर हत्या की घटनाओं को रोका जा सके।
जनसहभागिता अभियान के तहत लोगों से बातचीत कर गोतस्करी की घटनाओं की रोकथाम में सहयोग के प्रयास किए जाएंगे। जिले में अपराधों की रोकथाम के लिए किरायेदारों का सत्यापन व बीट पुलिसिंग को प्रभावी तरीके से शुरू किया जाएगा। पब्लिक से फीडबैक लिया जाएगा। इसके साथ ही अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाते हुए लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा करेंगे। साथ ही सोशल मीडिया पर माहौल बिगाडऩे वाले लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों की बैठक ली
रेंज आईजी वीके सिंह गुरुवार देर रात अलवर पहुंचे। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे पुलिस अन्वेषण भवन से सीधे जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। वहां से जिला एवं सैशन न्यायाधीश से मिलने गए। इसके बाद वापस आकर एसपी ऑफिस में पुलिस अधिकारियों की बैठक ली, जिसमें जिले की पुलिस व्यवस्था और अपराधों के ग्राफ की जानकारी ली। साथ ही अपराधों की रोकथाम के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद इलाके में दौरे पर रवाना हो गए। इस दौरान जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) देवेन्द्र कुमार विश्नोई सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
Published on:
18 Aug 2018 08:48 am
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