
गौरी देवी महिला महाविद्यालय के छात्रावास में रहने वाली करीब 80 छात्राएं मूलभूत सुविधाओं को तरस रही हैं। छात्रावास परिसर में सफाई व्यवस्था की स्थिति खराब है। बाथरूम के बाहर फर्श पर शैवाल की मोटी परत जम गई है, जिससे लगातार फिसलन बनी रहती है। छात्राओं को इसी रास्ते से होकर बाथरूम तक जाना पड़ रहा है।
ऐसे में कभी भी हादसा होने की आशंका बनी हुई है। छात्रावास में दूषित पानी पीना पड़ रहा है। छात्राओं के अनुसार पानी के पात्रों में मच्छर और कचरा दिखाई देता है। गर्मी और उमस के बीच स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से छात्राओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्राओं का कहना है कि कई बार समस्या की ओर ध्यान दिलाने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हुआ।
छात्रावास भवन की खिड़कियां भी क्षतिग्रस्त हैं। कुछ स्थानों पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं। शौचालय के गेट की स्थिति ऐसी है कि वह ठीक से बंद तक नहीं होता। साथ ही, कई दरवाजों में कुंदी तक नहीं है। छात्राओं के लिए यह स्थिति असुविधाजनक होने के साथ सुरक्षा की दृष्टि से भी गंभीर है।
छात्रावास शुल्क में भी बढ़ोतरी हो चुकी है। इसे 11 हजार रुपए से बढ़ाकर 14 हजार रुपए कर दिया गया है। तीन हजार रुपए का अतिरिक्त भार डालने के बावजूद सुविधाओं में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा। वहीं, छात्राओं ने कॉशन मनी को लेकर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि पहले कॉशन मनी केवल प्रथम वर्ष में जमा कराई जाती थी, मगर अब तीनों वर्षों के लिए यह राशि ली जा रही है। छात्राओं का सवाल है कि जब छात्रावास की मूलभूत सुविधाएं ही बेहतर नहीं हैं तो अतिरिक्त राशि क्यों ली जा रही है।
छात्रावास में वार्डन का निवास गिराऊ हालत में पहुंच गया है। इसमें आने को कोई तैयार नहीं हो रहा है। हालांकि कॉलेज प्रशासन की ओर से यूजीसी को पांच लाख 58 हजार रुपए का प्रस्ताव भेज रखा है। इसका पैसा आने के बाद ही इसकी मरम्मत होगी।
मैंने अभी कार्यग्रहण किया है। ठेेकेदार को बुलाकर जो अधूरे कार्य रह गए हैं, उनको पूरा करने के निर्देश दिए हैं। छात्राओं के साथ चार मीटिंग हो चुकी है। उनकी समस्याओं का निदान करवा दिया जाएगा - प्रो. सत्यभाव यादव, प्राचार्य, जीडी कॉलेज