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राजस्थान के इस औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ रही ‘घर की डिमांड’, जानें क्या है यहां सरकारी आवासीय योजनाओं का हाल?

Rajasthan: बहरोड़-नीमराणा औद्योगिक हब में तेजी से बढ़ रहे रोजगार के अवसरों के बावजूद सरकारी आवासीय योजनाएं पीछे हैं। इसी वजह से निजी हाउसिंग सोसायटियों का तेजी से विस्तार हो रहा है और क्षेत्र में घरों की मांग लगातार बढ़ रही है।
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May 11, 2026
Behroad
नीमराणा उद्योग क्षेत्र का फोटो: पत्रिका

Rajasthan Housing Crisis In Industrial Expansion: दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और जापानी जोन के विकास के बाद बहरोड़-नीमराणा क्षेत्र प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में तेजी से उभरा है और रोजगार के अवसर बढ़े हैं। लेकिन औद्योगिक विकास की रफ्तार के मुकाबले सरकारी स्तर पर आवासीय सुविधाओं का विस्तार नहीं हो पाया। यही कारण है कि क्षेत्र में निजी हाउसिंग सोसायटियों का तेजी से फैलाव हो रहा है।

कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों, इंजीनियरों और मजदूरों की बढ़ती संख्या के चलते आवास की मांग बढ़ रही है। वर्तमान में बहरोड़, नीमराणा सहित आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में दो लाख से अधिक श्रमिक और उनके परिजन निवास कर रहे है। ऐसे में सरकारी आवास योजनाओं और नियोजित कॉलोनियों की कमी के कारण निजी डेवलपर्स ने इस मांग को अवसर में बदल दिया। बहरोड़, शाहजहांपुर, नीमराणा, सोतानाला केशवाना सहित आसपास के इलाकों में पिछले कुछ वर्षों में दर्जनों निजी कॉलोनियां और हाउसिंग प्रोजेक्ट विकसित हो चुके हैं।

सुविधाएं अधूरी

स्थानीय लोगों के साथ ही श्रमिकों का कहना है कि क्षेत्र में उद्योगों के अनुरूप आधारभूत सुविधाओं का लम्बे समय से विकास नहीं हुआ। कई निजी सोसायटियों में सड़क, सीवरेज, पेयजल और पार्क जैसी सुविधाएं अधूरी हैं, फिर भी लोगों को मजबूरी में वहां रहना पड़ रहा है।

इन विभागों और निकायों की जिम्मेदारी

औद्योगिक क्षेत्रों में सरकारी आवास योजनाओं को धरातल पर लागू करने के लिए नगरपरिषद बहरोड़, नगरपालिका नीमराणा, बीडा भिवाडी, राजस्थान आवासन मण्डल सहित अन्य जिम्मेदार विभाग और निकाय है लेकिन ये भी यहां एक भी हाउसिंग सोसायटी धरातल पर नहीं उतार सके हैं।

50 से अधिक बन गई निजी हाउसिंग सोसायटी

बहरोड़-नीमराणा औद्योगिक क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे औद्योगिक निवेश के साथ ही यहां पर वर्तमान में 50 से अधिक निजी हाउसिंग सोसायटी बन चुकी है। जहां पर अधिकतर श्रमिक निवास कर रहे है।

औद्योगिक क्षेत्र में वर्तमान में उद्योग

नीमराणा: 500
जापानी जोन:
50 से अधिक
बहरोड़:
150
कोलीला जोगा:
50 से अधिक
सोतानाला:
75
केशवाना:
50 से अधिक
घीलोठ:
150 से अधिक
शाहजहांपुर:
80

सरकार को देना चाहिए इस तरफ ध्यान

आने वाले वर्षों में बहरोड़-नीमराणा क्षेत्र में आवासीय प्रोजेक्ट्स की मांग और बढ़ेगी। यदि समय रहते सरकार द्वारा नियोजित हाउसिंग, ट्रांसपोर्ट, जल निकासी और अन्य शहरी सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में यह क्षेत्र अनियोजित शहरीकरण की समस्या से जूझ सकता है। सरकारी स्तर पर हाउसिंग सोसायटी समय की मांग बढ़ती जा रही है।
- केजी कौशिक, अध्यक्ष नीमराणा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन

Updated on:
11 May 2026 02:28 pm
Published on:
11 May 2026 01:13 pm