Infra News: राजस्थान के अलवर में कालीमोरी अंडरपास का निर्माण चार साल बाद शुरू हो गया है। यह यू आकार में बनेगा।
अलवर। कालीमोरी अंडरपास का निर्माण चार साल बाद शुरू हो गया है। यह यू आकार में बनेगा। प्रस्तावित जगह से करीब 50 मीटर दूर कालीमोरी फाटक की ओर यह बनाया जाएगा। इसका निर्माण करीब 6 माह में पूरा होगा। इसके बनने से मुख्य शहर व पटरी पार एरिया आपस में जुड़ जाएंगे, जिसका लाभ लाखों लोगों को मिलेगा।
राजस्थान पत्रिका तीन साल से लगातार अंडरपास का मुद्दा उठा रहा था, ताकि जनता की राह आसान हो सके। कालीमोरी अंडरपास वर्ष 2022 में मंजूर हुआ था, जिसका कार्य उसी वर्ष जून में शुरू होकर दिसंबर तक पूरा होना था, लेकिन तमाम बाधाओं के चलते यह चार साल तक अटका रहा। उस दौरान जलदाय विभाग व बिजली विभाग को लाइन शिफ्ट करने के लिए राशि देनी थी, जो मुहैया नहीं हो पाई।
हालांकि, पीडब्ल्यूडी ने अंडरपास के लिए पिलर व बॉक्स तैयार करवा लिए थे। उसके बाद फरवरी 2023 में रेलवे ने ब्लॉक के लिए 25.80 लाख रुपए की मांग की, लेकिन विभाग ने करीब 18 लाख रुपए ही दिए, जिसके चलते पेच फंस गया। हालांकि बाद में राशि स्वीकृत हुई और रेलवे को दी गई।
अंडरपास के लिए शुरुआत में 3 करोड़ रुपए मंजूर किए गए थे, लेकिन समय पर काम शुरू न होने के कारण दरें बढ़ती गईं। आखिर में भाजपा सरकार में 1.48 करोड़ रुपए इसकी लागत बढ़ाई गई और यह 4.48 करोड़ का प्रोजेक्ट हो गया। प्रोजेक्ट की लागत बढ़ने के बाद भी करीब डेढ़ साल तक इसका कार्य शुरू नहीं हो पाया। बताया गया कि जहां यह बनाया जाना है, वहां निजी खातेदारी की जमीन बाधा बन गई। इसके चलते अब अंडरपास की जगह 50 मीटर आगे खिसका दी गई है। शनिवार को पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों की मौजूदगी में काम शुरू हुआ।
अंडरपास निर्माण से मुख्य शहर व पटरी पार एरिया नजदीक आ जाएगा। अभी ईटाराणा ओवरब्रिज व अग्रसेन ओवरब्रिज का सहारा लेकर लोग आवागमन करते हैं। अब अंडरपास से दूरी घट जाएगी। पटरी पार एरिया के मोती नगर, टाइगर कॉलोनी, मोती नगर विस्तार, हीराबास कॉलोनी के अलावा बिजली निगम, आइटीआइ, पॉलिटेक्निक कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ-साथ उद्योगों को भी इसका लाभ मिलेगा।
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